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लोनी बाढ़ : 18 पंप लगाकर की गई पानी की निकासी

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गाजियाबाद। लोनी के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में प्रशासन की टीम ने 18 पंप लगाकर जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकलवाया। नगर-निगम सहित सभी नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत सहित बागपत और आसपास क्षेत्रों से भी पंप मंगवाकर जल निकासी कराई गई है। इसके अलावा मंगलवार को दो और फीडर चालू कराकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई। आपदा प्रबंधन अधिकारी और एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि रात भर भर टीम काम करेगी। बुधवार तक जल निकासी सहित बिजली व्यवस्था और अन्य सभी व्यवस्थाएं सुचारू करा दी जाएंगी। जिन इकाईयों के बेसमेंट में जलभराव हो गया था, उसको भी निकाला गया है। मंडोला, मीरपुर हिंदू और ट्रोनिका सिटी में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। सोमवार को दो फीडर ठीक हुए थे और मंगलवार को दो फीडर चालू करा दिए गए हैं। टीम अब गली-मोहल्लों और गांवों के अंदर भी निरीक्षण कर देख रही है कि कहीं जलजमाव या अन्य समस्या तो नहीं है।
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391 मरीजों का हुआ इलाज

पानी उतरने के बाद लोनी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 391 मरीजों का इलाज किया। इसके अलावा चार हजार क्लोरीन और 500 ओआरएस के घोल का पैकेट बांटा गया। सर्विलांस अधिकारी आरके गुप्ता ने बताया कि सबसे अधिक ट्रोनिका सिटी में 121 मरीजों का इलाज किया गया जिसमें बुखार के मरीजों की संख्या अधिक थी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोनी स्थित पूजा कॉलोनी, रजापुर ग्राम में जाकर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया और लार्विसाइड का छिड़काव किया गया।


अन्य गोशालाओं में पहुंचाए गए पशु
151 पशुओं को मीरपुर हिंदू की गोशाला से निकाल कर सुरक्षित चार गोशालाओं में रखा गया है। इसमें नंदी पार्क, एसएलएफ-प्रथम और द्वितीय सहित गनौली गांव में अस्थाई व्यवस्था कर उनको रखा गया है। गांवों में जो पशु बचे हैं, उनका टीकाकरण भी कराया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पशुओं के इलाज के लिए लोनी ब्लॉक की सभी टीमें लगाई गई हैं हालांकि पशुओं को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था। उनके लिए चारे का भी भरपूर इंतजाम है।
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मशीन खराब होने के लिए नहीं है क्षतिपूर्ति का प्रावधान
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि ट्रॉनिका सिटी में उद्योगों को हुई क्षति का आकलन कराया जा रहा है हालांकि आपदा राहत के नियमों में मशीनों के खराब होने की क्षतिपूर्ति का कोई प्रावधान नहीं है। जिनका बीमा होगा बीमा कंपनियों की तरफ से ही नियमानुसार भुगतान होगा, जो बुनकर या छोटे कामगार होंगे उनको नियमानुसार क्षतिपूर्ति दी जाएगी। बिजली आपूर्ति प्राथमिकता पर बहाल कराई गई है। चिकित्सा, खाने पीने की व्यवस्था और अन्य राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।
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