गाजियाबाद। लोनी में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के 17 साल बाद अदालत ने तीन दोषियों आकिल निवासी गुलावठी बुलंदशहर, आकिल निवासी गांव परतापुर, बुलंदशहर और संजय निवासी बागडोली, बागपत को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने तीनों दोषियों पर 65-65 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले में अदालत ने सोमवार को तीनों को दोषी करार दिया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदेश त्यागी ने बताया लोनी निवासी राजकुमार ने 28 मार्च 2007 को लोनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राजकुमार ने पुलिस को बताया था कि सादुल्लाबाद में उनका प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्यालय है। 28 मार्च 2007 की शाम सात बजे बुलंदशहर के गांव परतापुर निवासी आकिल व गुलावठी निवासी आकिल और बागपत के बागडोली निवासी संजय और लोनी निवासी विक्रम उनके कार्यालय पर पहुंचकर छोटे भाई चेतन भाटी उर्फ चेतराम के बारे में पूछा।
राजकुमार ने बताया कि वह लोनी गए हैं, 10 मिनट में कार्यालय पर पहुंचने वाले हैं। तीनों कार्यालय में ही बैठ गए और चेतन को फोन कर बुलाया। 10 मिनट की बातचीत के बाद एक भूखंड देखने के बहाने चेतन भाटी को प्रीत विहार फेस-3 ले गए। वहां पर चेतन के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर चारों को गिरफ्तार का जेल भेज दिया था। अदालत ने विक्रम को सोमवार को बरी कर दिया था।