गाजियाबाद। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता की जलाकर हत्या करने के दोषी पति अंकित, सास धन्नो और ससुर सोभरण को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीतू पाठक ने तीनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। भोजपुर थाना क्षेत्र का है। दोषियों को सजा दिलाने में मृतका के मेडिकल रिपोर्ट व पिता के बयान अहम रहे। जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता रवि शर्मा ने बताया कि मुजफ्फरनगर के घुम्मा गांव निवासी नेम पाल ने अपनी बेटी स्वाति की शादी 30 अप्रैल 2012 को थाना भोजपुर क्षेत्र के फजल गढ़ में निवासी अंकित के साथ की थी। शादी में मिले दहेज से अंकित और उसका परिवार खुश नहीं था। वह दहेज की और मांग करते थे। मांग पूरी नहीं होने पर अंकित ने अपने परिजनों के साथ मिलकर 31 अगस्त 2017 को स्वाति पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। स्वाति को गंभीर अवस्था में मेरठ स्थित जगदंबा अस्पताल में भर्ती कराया था। सात अगस्त 2017 को उपचार के दौरान स्वाति की मौत हो गई थी। मृतका के पिता नेम पाल ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए मृतका के पति अंकित, सास धन्नो और ससुर सोभरण को नामजद कर रिपोर्ट लिखवाई थी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इस मामले में बृहस्पतिवार को अंतिम सुनवाई हुई। अदालत ने सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर तीनों को सजा सुनाई है। मामले में 13 गवाह पेश किए गए थे।