गाजियाबाद। पत्नी की गोली मारकर हत्या करने के दोषी पति सत्येंद्र तेवतिया को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हीरालाल ने दोषी पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने 16 फरवरी को सत्येंद्र को दोषी करार दिया था।
सहायक शासकीय अधिवक्ता ममता गौतम ने बताया कि रईसपुर निवासी ओमवीर सिंह ने अपनी बेटी राजकुमारी की शादी वर्ष 2003 में मसूरी थाना क्षेत्र के गंगापुरम निवासी सत्येंद्र तेवतिया के साथ की थी। सत्येंद्र अक्सर राजकुमारी पर दबाव डालता था कि वह अपने पिता की संपत्ति मेरे नाम करवा दे। वहीं, राजकुमारी कहती थी कि वह दो बहनें हैं, इसलिए पिता की संपत्ति बराबर बटेंगी। इस बात पर सत्येंद्र तेवतिया पत्नी को प्रताड़ित करता था। आए दिन राजकुमारी की पिटाई करता था। आठ फरवरी 2017 को सत्येंद्र तेवतिया ने पत्नी राजकुमारी को गाड़ी में बैठाया और रईसपुर मायके में घर के सामने लाकर उसे गोली मार दी। राजकुमारी का शव गाड़ी से नीचे फेंककर गाड़ी सहित फरार हो गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने नाकाबंदी कर सत्येंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली थी। इसके बाद पुलिस ने सत्येंद्र को जेल भेज दिया था। पुलिस ने इस मामले में 6 मई 2017 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की अंतिम सुनवाई 16 फरवरी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हीरालाल की अदालत में हुई थी। दोनों पक्षों की ओर से 14 गवाह पेश किए गए। अदालत ने मंगलवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए सत्येंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।