साहिबाबाद। टीएचए के तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल भेजने वाले की पहचान पता करने के लिए पुलिस ने गूगल को पत्र लिखा है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि तीनों ईमेल वर्चुअल प्राइवेट नंबर (वीपीएन) का प्रयोग कर भेजे गए थे। मामले की जांच में आईटी की टीम लगी है। डीसीपी गंभीरता से जांच पड़ताल पर निगरानी रख रहे हैं।
डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि शालीमार गार्डन के दिल्ली कॉन्वेंट स्कूल, दशमेश और लिंकरोड थाना क्षेत्र के चंदरनगर स्थित डीएवी सेंटेनरी स्कूल में धमकी भरा मेल किसने और किस नेटवर्क से भेजा था। उसका पता करने के लिए गूगल को पत्र भेजा है। कंपनियों को मामले की गंभीरता बताते हुए जल्द से जल्द जानकारी देने के लिए कहा गया है। अभी तक की जांच में यह सामने आया कि तीनों ईमेल वीपीएन का प्रयोग कर भेजे गए थे, जिससे मेल के सोर्स का पुलिस को पता नहीं चल पाया है। इस मामले में विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। उनका कहना है कि तीनों स्कूलों के ईमेल का कंटेंट एक जैसा ही था। ऐसे में टीम को अंदेशा है कि धमकी भरे ईमेल एक ही मेल सोर्स से भेजे गए थे। पुलिस सूत्रों से यह भी पता चला कि आला-अधिकारी दिल्ली पुलिस के संपर्क में हैं। दोनों के बीच ईमेल के इनपुट भी साझा हुए हैं।
क्या होता है वीपीएन : वीपीएन का अर्थ वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क होता है। इस प्रक्रिया में सार्वजनिक नेटवर्क का उपयोग करते हुए एक संरक्षित नेटवर्क कनेक्शन स्थापित करने के अवसर होता है। इंटरनेट कनेक्शन में वीपीएन ऑनलाइन ट्रैफिक को बाधित करते हैं और उपभोक्ता की ऑनलाइन पहचान को छिपाते हैं।
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