\n\nमेडिकल बायोवेस्ट के लिए आरडब्ल्यूए कर रही अलग से व्यवसथा\n\n- अस्पतालों के साथ टाइअप कर सोसायटी में रखवा रहे अलग से वेस्टबिन\n\n- लोगों से कर रहे अपील प्रयोग किया हुआ मास्क और ग्लब्स सामान्य कूड़े में न रखें\n\n- संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए आरडब्ल्यूए ने की नई व्यवस्था\n\nमाई सिटी रिपोर्टर\n\n
साहिबाबाद। कोरोना संक्रमण काल में लोगों की लाइफ स्टाइल पूरी तरह बदल चुकी है। अब तक जहां बायो मेडिकल वेस्टबिन अस्पतालों में होता था। अब समय की मांग ने इसे सोसायटी की भी जरूरत बना दी है। सोसायटी में बायोमेडिकल वेस्टबिन के रखने की शुरुआत हो चुुकी है। इंदिरापुरम के क्लाउड नाइन सोसायटी ने इस मामले में पहल की है और सोसायटी का बायो मेडिकल वेस्ट के लिए अलग से वेस्टबिन रखवाया है।\n\nआरडब्ल्यूए रेजिडेंट़स से इस बात की अपील कर रही है कि वह कॉमन कूड़ेदान में प्रयोग किया हुआ मास्क और पीपीई किट न डालें। इसकी बजाय अब इसके लिए अलग से पीले रंग का वेस्ट बिना सोसायटी में जगह-जगह रखा गया है। सोसायटी आरडब्ल्यूए का कहना है कि अब तक कॉमन कचड़े में ही लोग प्रयोग किया हुआ मास्क, ग्लब्स और पीपीई किट डालते थे। इसकी वजह से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए क्लाउड नाइन सोसायटी ने एक नई शुरुआत की है। सोसायटी आरडब्ल्यूए के पूर्व अध्यक्ष संदीप पांडेय ने बताया कि अटलांटा अस्पताल के सहयोग से सोसायटी में जगह-जगह बायो मेडिकल वेस्टबिन रखवाए गए हैं। सोसायटी के लोगों से अपील की गई है कि वह किसी भी तरह का बायो मेडिकल वेस्ट इसी डब्बे में रखें। संदीप पांडेय ने बताया कि सोसायटी से इस वेस्ट को उठाने के लिए ऐसे ही लोगों से बात की गई है जो अस्पतालों से बोयो मेडिकल वेस्ट उठाते हैं। इस तरह सोसायटी को कोविड-19 संक्रमण से सेफ रखने के लिए आरडब्ल्यूए ने नई पहल की है और अन्य सोसायटी भी इस पहल को अपना रहे हैं।\n\n-------------------\n\nनिशा ठाकुर\n\n\n