बीबीनगर। थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर में गुलावठी रोड स्थित ईंट भट्ठे की एक दीवार रविवार दोपहर भरभराकर गिर गई। जिससे उसके नीचे काम कर रहे दो मजदूर दब गए। अन्य मजदूरों ने लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। परिजन व महिलाएं पोस्टमार्टम न कराने के लिए हंगामा करते हुए पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गए। काफी समझाने के बाद परिजनों ने शव पोस्टमार्टम के लिए उठने दिए।
बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर में गुलावठी मार्ग पर हापुड़ के थाना कपूरपुर क्षेत्र के गांव सोलाना निवासी हितेश कुमार का एसएस ब्रिक फील्ड के नाम से ईंट भट्ठा है। भट्ठे पर जनपद अलीगढ़ के थाना मडराक क्षेत्र के गांव नोहटी निवासी राकेश (50) व स्याना के गांव वैरा फिरोजपुर निवासी राजकुमार (25) मजदूरी करते थे। रविवार को भी दोनों मजदूर अन्य मजदूरों के साथ भट्ठे पर काम कर रहे थे।
ईंटों की निकासी के दौरान दोपहर के समय अचानक एक दीवार गिर गई। जिससे दोनों मजदूर उसके नीचे दब गए। जिन्हें वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने लोगों की सहायता से बाहर निकला। लेकिन, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर बीबीनगर व अगौता थाना पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने दोनों मजदूरों के शव कब्जे में लेकर पंचनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसी दौरान मृतकों के परिजनों ने हंगामा करते हुए पोस्टमार्टम न कराने की मांग की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों मृतकों के शव पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
राजकुमार की पत्नी है गर्भवती
मृतक राजकुमार की पत्नी निक्की का एक ढाई वर्षीय पुत्र चिन्टू है। वह गर्भवती भी है। जबकि, दूसरे मृतक राकेश अविवाहित थे। राकेश के रिश्तेदार भी इसी भट्टे पर काम करते थे। सूचना मिलने पर राकेश के अन्य परिजन अलीगढ़ से बुलंदशहर के लिए रवाना हो गए।
करीब एक घंटे तक दबे रहे दोनों : हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए सन्नाटा पसर गया। जैसे ही लोगों को जानकारी हुई कि दीवार के नीचे दो मजदूर दब गए हैं तो उन्होंने तत्काल मलबा हटाना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला जा सका।
साथियों की सुन लेते बात तो बच जाती जान
भट्टा मालिक हितेश कुमार ने बताया कि हादसे के दौरान राकेश व राजकुमार निकासी के लिए दीवार के नीचे काम कर रहे थे। जबकि, कुछ अन्य मजदूरी भट्टे के ऊपरी हिस्से पर काम कर रहे थे। ऊपर कार्य कर रहे मजदूरों ने हादसे से पूर्व ईंटों की दीवार को हिलते हुए देखा तो शोर मचा दिया। साथ ही नीचे काम कर रहे राकेश व राजकुमार को भी वहां से भागने के लिए चिल्लाए लेकिन वह दोनों जब तक उनकी बात समझ पाते, तब तक दीवार गिर गई थी। यदि वह शोर सुनकर भाग गए होते तो शायद उनकी जान नहीं जाती।
मुआवजे की उठी मांग
भट्टा मजदूरों की हादसे में मौत के बाद अन्य मौजूद मजदूरों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा व आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि दोनों के परिवार की माली हालत अच्छी नहीं है। पुलिस व प्रशासन ने उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
मामले की जानकारी मिली है। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। गहनता से जांच कराई जाएगी। जो भी आवश्यक कार्रवाई है वह की जाएगी। परिजनों को मदद भी दिलाई जाएगी। - मधुमिता सिंह, एसडीएम स्याना