हापुड़। छह वर्षीय मासूम काव्या की हत्यारोपी उसकी मां सुलेखा और तहेरे भाई अंकित के खिलाफ मंगलवार को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। हत्या से पहले मां ने उसे खूब यातनाएं दी। इसके बाद चेहरे और गले पर दरांती से आठ से दस वार किए। इस दौरान अंकित घर के बाहर पहरा देता रहा।
बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव जखेड़ा रहमतपुर में 31 मार्च की देर शाम खंडहरनुमा मकान में काव्या का शव मिला था। पुलिस ने मृतका के घर की बारीकी से जांच की तो पूरा मामला खुल गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के चहरे, गले और पेट पर दरांती से आठ वार किए गए थे। उसकी मौत सिर में भारी वस्तु लगने से बताई गई। हवस में अंधी मां पर क्रूरता इस कदर हावी थी कि उसने हत्या से पहले खूब यातनाएं दी। बच्ची को डंडे से भी पीटा गया। पुलिस के अनुसार शाम करीब साढ़े पांच बजे उसकी हत्या की गई। हत्या के दौरान आरोपी अंकित मकान के बाहर खड़ा होकर रखवाली कर रहा था। बच्ची की आवाज बाहर न जाए, इसके लिए उसे रसोई में ले जाकर उसका मुंह भींचकर हत्या को अंजाम दिया गया।
करीब सात माह से दोनों के बीच थे संबंध
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि काव्या के पिता राजीव तोमर ट्रक ड्राइवर होने के कारण अक्सर बाहर रहते थे। इसी दौरान करीब सात माह पहले सुलेखा के उसके अपने जेठ के पुत्र अंकित से संबंध बन गए। जब भी मौका मिलता अंकित सुलेखा के घर पहुंच जाता। 31 मार्च की दोपहर भी अंकित घर पहुंचा तो मां ने काव्या को बाहर खेलने भेज दिया। कुछ देर में ही काव्या वापस आ गई और दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। जिसके बाद दोनों ने बच्ची को ठिकाने लगाने का मन बना लिया।
मंदिर से मस्जिद तक अंकित ने कराया ऐलान
हत्या के बाद बच्ची के लापता होने का नाटक करते हुए जहां मां सुलेखा ने रोना-पीटना शुरू कर दिया, वहीं अंकित गांवों वालों के साथ बच्ची की तलाश में जुट गया। पुलिस के अनुसार ग्रामीणों को उस पर शक न हो, इसके लिए वह गांव के मंदिर और मस्जिद गया और वहां से काव्या के लापता होने का ऐलान कराया। उसने गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कराई थी। लेकिन पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो दोनों टूट गए। प्रेसवार्ता के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।