गाजियाबाद। मुरादनगर से दिल्ली और लोनी जाना अब आसान हो जाएगा। मुरादनगर गंगाजल प्लांट से लोनी तक पाइप लाइन मार्ग चौड़ीकरण का काम जल निगम ने पूरा कर लिया है। 19.73 करोड़ की लागत से बने इस मार्ग पर अब महज जेब्रा क्रॉसिंग, कैट आई, दिशा सूचक बोर्ड और अन्य फिनिशिंग काम किया जा रहा है। 25 किमी लंबी सड़क के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण से मुरादनगर से टीला मोड़, लोनी और दिल्ली जाने वाले लोगों को सहूलियत मिलेगी।
दिल्ली को गंगाजल की आपूर्ति के लिए बिछी दो पाइप लाइनों के रखरखाव के लिए यह पाइप लाइन मार्ग कई दशक पहले बनाया गया था। इन पाइप लाइन और इस मार्ग का रखरखाव यूपी जल निगम की दिल्ली संपूर्ति इकाई करती है। आसपास बसे शमशेरपुर, टीला मोड़, फर्रुखनगर समेत कई गांवों के लोग करीब 20 साल से इस पाइप लाइन मार्ग के चौड़ीकरण की मांग कर रहे थे। बीते साल यूपी जल निगम के अधिकारियों ने इसकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों को भेजी थी।
वहां से मंजूरी मिलने के बाद करीब एक साल पहले इस पर काम शुरू किया गया था। जल निगम की दिल्ली संपूर्ति इकाई के अधिशासी अभियंता ब्रह्मानंद ने बताया कि मुरादनगर से टीला मोड़ तक करीब 19 किलाेमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण कराया गया है। सड़क की चौड़ाई 3.4 मीटर से बढ़ाकर करीब साढ़े पांच मीटर कर दी गई है। टीला मोड़ से दिल्ली तक मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी, इस मार्ग का सुदृढ़ीकरण कराया गया है।
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भारी वाहनों के चलने पर लगाई जाएगी रोक
पाइप लाइन के बगल में बने इस मार्ग के चौड़े हो जाने के कारण अब मुरादनगर से दिल्ली-लोनी पहुंचने के लिए यह शॉर्टकट मार्ग बन गया है। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस मार्ग पर अब ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर आदि भारी वाहनों की तादाद बढ़ने की संभावना है। यह सड़क ऐसे भारी वाहनों के लिए नहीं बनी है। मार्ग के बीच में कई स्थानों पर पुरानी पुलिया बनी हुई हैं जो भारी वाहनों के दबाव से टूट सकती है। जल निगम के अधिशासी अभियंता का कहना है कि इस मार्ग पर जगह-जगह बोर्ड लगवाकर भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाई जाएगी। हल्के वाहनों के आवागमन से इस मार्ग को कोई नुकसान नहीं होगा।