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Ghaziabad News: भूजल दोहन करने वाले उद्योगों पर पांच लाख तक लगेगा जुर्माना

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गाजियाबाद। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की हर इकाई को टर्शियरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (टीएसटीपी) की जलापूर्ति के लिए कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। टीएसटीपी शुरू होने के बाद भूजल के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी नगर निगम की तरफ से की जा रही है। प्रतिबंध के बावजूद भूजल दोहन करने वाली इकाइयों पर दो से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
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साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में भूजल दोहन को रोकने के लिए 30 जून तक टीएसटीपी के निर्माण की समयसीमा तय की गई है। तय समय में निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो निर्माणकर्ता कंपनी पर कार्रवाई और जुर्माना भी लगाया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि 282 करोड़ रुपये की लागत से इंदिरापुरम में बनाए जा रहे 40 एमएलडी क्षमता के टीएसटीपी से 1400 इकाइयों को जोड़ने की योजना बनाई गई है, लेकिन सिर्फ 284 इकाइयों ने ही कनेक्शन के लिए नगर निगम से अनुबंध किया है। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव की तरफ से प्लांट की उपयोगिता बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक इकाइयों को जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम की तरफ से इसके लिए सर्वे भी किया जाएगा। साथ ही, प्लांट शुरू होने पर जिला प्रशासन की मदद से औद्योगिक क्षेत्र में भूजल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध का नियम लागू कराया जाएगा। भूजल दोहन करने वालों पर दो से पांच लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा।

उद्यमियों को दरों पर आपत्ति
दरअसल, वर्तमान समय में डेढ़ रुपया प्रति एक हजार लीटर की दर से औद्योगिक इकाइयों को पानी मिल रहा है, लेकिन टीएसटीपी के जरिये मिलने वाले पानी की दर 45 रुपये प्रति एक हजार लीटर होगी। साथ ही, पांच हजार रुपये न्यूनतम शुल्क भी देना होगा। साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव मुकेश गुप्ता का कहना है कि उद्यमियों की आपत्ति न्यूनतम शुल्क को लेकर है जो बहुत ज्यादा तय किया गया है। भूजल के इस्तेमाल पर अगर रोक लगा दी जाएगी तो उद्योगों में पीने का पानी कहां से आएगा, क्योंकि टीएसटीपी से तो सीवर का शोधित पानी उद्योगों को दिया जाएगा।
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बयान
30 जून तक टीएसटीपी से पानी की आपूर्ति शुरू करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद भूजल के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी। किसी इकाई में भूजल दोहन पाया गया तो संबंधित विभाग के सहयोग से जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। - केपी आनंद, महाप्रबंधक -जलकल विभाग नगर निगम
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योगेश शर्मा
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