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Ghaziabad News: एक साल में 56 आयुर्वेदिक दवाइयां जांच को भेजीं, 22 की रिपोर्ट आई फेल

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गाजियाबाद। आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों ने एक साल में 56 आयुर्वेदिक दवाइयों के नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे हैं। इनमें से 22 की रिपोर्ट फेल आई थी। इस समय जिले में 32 दवाइयों की बिक्री और उत्पाद प्रतिबंध लगा है, जिन दवाइयों की जांच रिपोर्ट फेल आई है, उनमें से अधिकांश मर्दाना ताकत बढ़ाने और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, शक्तिवर्धक, पेट का गैस दूर करने, मधुमेह, लीवर और जोड़ों के दर्द की हैं।
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क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अशोक कुमार राना ने बताया कि वर्ष 2023 में 56 नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक महीने में पांच से छह दवाइयों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। लखनऊ की स्थित प्रयोगशाला में जांच का दबाव अधिक होने से दो से तीन महीने में जांच रिपोर्ट मिल रही है। उन्होंने बताया कि जून में नई बस्ती और शास्त्रीनगर में बिक रही आयुर्वेदिक दवाइयों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। नौ दवा कंपनियों की 15 दवाइयों की जांच रिपोर्ट फेल आई थी। उनके उत्पादन और बिक्री पर रोक लगा दिया गया था। संबंधित दवाई कंपनियों को बाजार से वापस मंगाने का नोटिस जारी किया गया है।
राजकीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. राजकमल का कहना है कि मिलावटी या नकली आयुर्वेदिक दवाओं के उपयोग से कई अंगों जैसे लीवर, गुर्दा, हृदय और मांसपेशियों पर दुष्प्रभाव पड़ता है। इससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, हेमेटोलॉजिकल, न्यूरोलॉजिकल, या कार्डियोवास्कुलर परेशानी बढ़ने के अलावा त्वचा, फेफड़े और मूत्राशय का कैंसर भी हो सकता है।
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