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आकाश नगर हादसा: निर्माणाधीन अवैध इमारतें बन कर तैयार, काम बदस्तूर जारी

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गोविंदपुरम से सटे बालाजी एन्क्लेव में जारी अवैध निर्माण - फोटो : AMAR UJALA
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आकाश नगर हादसे की दूसरी बरसी: सबहेड- आकाश नगर हादसे के बाद भी नहीं बदले हालात, कई क्षेत्रों में धड़ल्ले से जारी है अवैध निर्माण - आकाश नगर व बालाजी एन्क्लेव करीब 20 फ़ीसदी अवैध निर्माणाधीन इमारतें बनकर हुई तैयार - आकाश नगर हादसे में गई थी दो लोगों की जान, निलंबित जीडीए अधिकारी नहीं हो पाए बहाल माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। दो साल पहले 22 जुलाई को आकाश नगर में निर्माणाधीन अवैध पांच मंजिला इमारत के ढहने के हादसे में दो लोगों की जान जाने के साथ नौ लोग घायल हो गए थे। घटना को दो साल बीतने के बावजूद आकाश नगर सहित अन्य क्षेत्रों में अवैध निर्माण बदस्तूर जारी है। बीते एक साल में आकाश नगर सहित गोविंदपुरम से सटे बालाजी एन्क्लेव में करीब 20 फ़ीसदी निर्माणाधीन अवैध इमारतें बनकर तैयार हो गई है। इन क्षेत्रों में नए अवैध निर्माण का काम धड़ल्ले से जारी है। प्राधिकरण की ओर से बीते साल विभिन्न भवनों पर लगाई गई सील की जगह वर्तमान में तीन से चार मंजिला अवैध इमारतें तैयार देखी जा सकती हैं। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने जब डासना फ्लाईओवर से सटे आकाश नगर में जाकर पड़ताल की तो जगह-जगह अवैध निर्माण होता पाया गया। करीब सात एकड़ में फैले आकाश नगर में पिछले साल निर्माणाधीन इमारतों में अब परिवार भी रहने लगे हैं। यही हाल अवैध कॉलोनी बालाजी एन्क्लेव का है। अवैध निर्माण में लगे लोगों को जीडीए अधिकारियों का कोई खौफ नहीं है। बालाजी एन्क्लेव के मुख्य रोड पर जीडीए की ओर से एक भवन को ध्वस्त किया गया था। उस स्थान पर तीन मंजिला बिल्डिंग बनकर खड़ी हो गई है। बालाजी एन्क्लेव की अंदरूनी गलियों में विभिन्न जगह अवैध निर्माण कार्य होता देखा जा सकता है। आकाश नगर में तो कच्ची सड़कों की जगह अब इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछ चुकी है। ----------------------- छह अधिकारियों-कर्मियों पर गिरी थी गाज, एक की बहाली अब तक नहीं आकाश नगर हादसे के मामले में जीडीए के छह अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। लेकिन इनमें से जीडीए के एक अधिकारी की अब तक बहाली नहीं हो सकी है। निलंबन की कार्यवाही के खिलाफ जीडीए के एक अधिकारी सहित चार सुपरवाइजर कोर्ट चले गए थे। इन सभी अधिकारी व कर्मचारियों को कोर्ट से स्टे मिल गया था। लेकिन एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मामले में अब तक बहाली नहीं हो सकी है। शासन स्तर से मामले की जांच अभी भी जारी है। -------------------- रिमोट सेंसिंग मैपिंग के साथ अधिकारियों की तरह की थी जवाबदेही आकाशनगर हादसे के बाद जीडीए की ओर से महानगर में चिन्हित की गई 315 अवैध कॉलोनियों मैं अवैध निर्माण का पता लगाने के लिए रिमोट सेंसिंग मैपिंग कराई गई थी। इसके लिए जीडीए ने लखनऊ के रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर से विभिन्न अवैध कॉलोनियों की मैपिंग कराई। साथ ही अवैध निर्माण के लिए अधिकारियों और सुपरवाइजर को की जवाबदेही तय की गई। ---------------–--- लगातार बड़ी कार्रवाई का नहीं खौफ अवैध कॉलोनियों में चल रही निर्माण गतिविधियों के खिलाफ जीडीए की ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई लगातार जारी है। बीते सोमवार को जीडीए ने राजनगर एक्सटेंशन के मोरटा सहित अन्य क्षेत्रों में कई अवैध कॉलोनियों, दुकानों और भवनों को ध्वस्त किया था। उससे पहले राजेंद्रनगर में सीलिंग तोड़कर अवैध निर्माण करने के मामले में 48 बिल्डरों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जीडीए की ओर से लाइनपार क्षेत्र के प्रताप विहार, विजयनगर, अवंतिका सहित आकाश नगर की मुख्य रोड पर बने भवनों को ध्वस्त किया था। जीडीए की लगातार चल रही कार्रवाई के बावजूद अवैध निर्माणों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ------------ कोट... अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई लगातार जारी है। सभी जोन के प्रवर्तन अनुभाग को अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बीते रविवार को ही राजनगर एक्सटेंशन के पास एक अवैध कॉलोनी को ढहाया गया। अवैध निर्माण के मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है। - संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए ----------
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