गाजियाबाद। नगर-निकाय चुनाव को शांतिपूर्वक, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने मतदाताओं, उम्मीदवारों और समर्थकों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने बताया है कि मतदाता के अलावा मजिस्ट्रेट, रिटर्निंग अधिकारी सहित निर्वाचन अभिकर्ता मतदान स्थल के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता है।
राजनैतिक दलों के लिए
- फर्जी मतदान करने या कराने के लिए किसी व्यक्ति को ना उकसाएं ना ही मदद करें।
- मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने या वापस ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं कराएंगे।
- मतदान के दिन मतदान केंद्र के 200 मीटर की रेडियस के अंदर चुनाव प्रचार नहीं करेंगे ना ही वोट मांगेंगे।
- मतदाताओं को पहचान पर्चियां सादे कागज पर ही दी जायेंगी और उन पर कोई प्रतीक या उम्मीदवार का नाम नही होगा।
- मतदान के दिन मतदान केन्द्रों के 200 मीटर की दूरी पर एक मेज व कुर्सी ही लगाई जा सकेगी। धूप से बचाव के लिए छतरी या चांदनी लगाई जा सकती है लेकिन उस पर कोई झंडा, प्रतीक या प्रचार सामग्री नहीं होनी चाहिए।
मतदाताओं के लिए
- मतदाता मतदान केंद्र के 200 मीटर के रेडियस तक ही निजी वाहन को ले जा सकेंगे।
- अगर किसी के पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है तो वह 14 अन्य दस्तावेजों से वोट दे सकते हैं जिसमें पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राशनकार्ड, आयकर पहचान पत्र, राज्य, केंद्र सरकार या निजी कंपनी द्वारा जारी पहचान पत्र, बैंक, पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी पासबुक, फोटोयुक्त पेंशन अभिलेख, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पहचान पत्र, शस्त्र लाइसेंस, फोटो युक्त दिव्यांग प्रमाण पत्र, श्रम मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत जारी स्मार्ट कार्ड, सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान शामिल है। परिवार के मुखिया के पास अगर कोई पहचान पत्र है तो दूसरे सदस्यों के लिए भी वह वैध माने जाएंगे लेकिन परिवार के सभी सदस्य मतदान केंद्र पर साथ पहुंचे तो।
- अगर मतदान स्थल पर पहुंचे पर यह पता चले कि मतदाता के नाम पर कोई और वोट डाल गया है तो मतदाता चैलेंज वोट डाल सकता है।