कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि रविवार सुबह अरनिया मौजपुर गांव में ईंट के भट्ठे के पास कमरे में रेनू (35) का शव मिला था। रेनू के पिता देवेंद्र ने दामाद प्रवेश पर हत्या का आरोप लगाया था और तहरीर दी थी। देवेंद्र का कहना था कि करीब नौ साल पहले प्रवेश व रेनू की शादी हुई थी। प्रवेश बुलंदशहर में होमगार्ड की ड्यूटी करता था। दोनों के दो बच्चे भी हैं। पिछले 15 दिनों से दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
विवाद इतना बढ़ गया था कि प्रवेश ने रेनू की पिटाई भी की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद देवेंद्र आठ दिन पहले रेनू को अपने पास ले आया था। शनिवार रात को दोनों परिवार के लोगों के बीच समझौता हुआ और देवेंद्र ने रेनू को भेजने की सहमति दे दी। शनिवार रात को प्रवेश अरनिया मौजपुर गांव में ही देवेंद्र के कमरे में रेनू के साथ सो गया। वहां पर रात को रेनू और प्रवेश के बीच फिर से झगड़ा हो गया। तभी गुस्से में आकर प्रवेश ने रेनू का गला दबाकर हत्या कर दी और पकड़े जाने के डर से वहां से भाग गया था।