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अस्पतालों को क्रियाशील न रखने पर होगी सख्त कार्रवाई

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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। निजी अस्पताल न केवल क्रियाशील रखें जाएं, बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मरीजों को उपचार भी दिया जाए। यह निर्देश जिला अधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर से निजी अस्पतालों को जारी किया है। डीएम ने कहा है कि निजी अस्पतालों में मरीजों को उपचार नहीं मिलने की शिकायतों के बाद प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने आदेश जारी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए हैं। इस संबंध में बुधवार को डीएम ने निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक करके अस्पतालों को खोलने और तैयार रहने के निर्देश भी दिए थे। शासनादेश का हवाला देते हुए जिलाधिकारी ने निजी अस्पतालों के प्रबंधकों को निर्देश जारी कर कहा है कि सभी चिकित्सकीय उपकरण क्रियाशील रखे जाएं। इसके अलावा डीएम ने आदेश दिए हैं कि एक निश्चित समयावधि के लिए चिकित्सालय में चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करें। ध्यान रहे कि दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता भी बनी रहे। जिला अधिकारी ने इन चिकित्सालयों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि किसी प्रकार की शिकायत मिलने और शासनादेश का पालन न किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शासन ने प्राइवेट डॉक्टर की सहायता लेने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही प्राइवेट अस्पतालों को खोले जाने और स्टाफ को अस्पताल में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि आईएमए गाजियाबाद के अध्यक्ष डॉ. वीबी जिंदल का कहना है कि जिले के सभी निजी अस्पताल खुले हैं और वहां मरीजों को देखा जा रहा है। डॉक्टर के क्लीनिक बंद हैं, क्योंकि क्लीनिकों में संक्रमण फैलने का खतरा है। डीएम ने कहा है कि निजी चिकित्सक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मरीजों को उपचार उपलब्ध कराएं।
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