साहिबाबाद। शालीमार गार्डन थाना पुलिस को एक निजी अस्पताल के डॉक्टर ने अपने पूर्व रिसेप्शनिस्ट और काउंटर इंचार्ज पर 63 लाख 83 हजार रुपये गबन करने का मुकदमा दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने तीमारदारों से अस्पताल का ऑनलाइन वॉलेट खराब बताकर अपने खाते में रकम जमा कराई। जांच में दोनों आरोपियों की गड़बड़ी सामने आने पर पुलिस को शिकायत दी।
अस्पताल के मालिक डॉक्टर देव प्रसन्न मिश्रा ने पुलिस को शिकायत दी कि अंकित चौधरी निवासी झिलमिल कॉलोनी पूर्वी दिल्ली और गजेंद्र सिंह निवासी शालीमार गार्डन एक्सटेंशन एक पिछले कई महीनों से तीन शिफ्ट में रिसेप्शन और काउंटर इंचार्ज के रूप में काम कर रहे थे। एक अप्रैल को अंकित चौधरी ने अस्पताल में एक्स-रे कराने आए शिवम गुप्ता नाम के मरीज से अपने निजी खाते में रुपये ट्रांसफर कराए थे। उन्हें मामले की जानकारी हुई तो शिवम को बुलाकर जानकारी की गई जिसमें पता चला कि अंकित ने शिवम को अस्पताल का ऑनलाइन वॉलेट खराब होने पर अपने खाते में रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा था। उन्होंने शक के आधार पर अस्पताल का ऑनलाइन वॉलेट चेक कराया तो उसमें कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई। उनका आरोप है कि अंकित चौधरी और गजेंद्र सिंह ने अपनी-अपनी शिफ्ट के दौरान मरीज के तीमारदारों से निजी खाते में रुपये ट्रांसफर करके अस्पताल प्रबंधन को एक अप्रैल 2023 से 17 अप्रैल 2024 तक 63 लाख 83 हजार 326 रुपये की धोखाधड़ी कर झटका दिया। उन्होंने दोनों से मामले में पूछताछ की तो वह घबरा गए। फिलहाल दोनों कर्मचारियों ने प्रबंधन को बिना बताए अस्पताल आना बंद कर दिया। डॉक्टर ने शालीमार गार्डन पुलिस को दस्तावेज के साथ दोनों के खिलाफ शिकायत दी।
एसीपी शालीमार गार्डन सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से कागजात को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।