गाजियाबाद। एक तो भीषण गर्मी और उस पर से बीमार हुए लोगों को सार्वजनिक अवकाश के कारण सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए भटकना पड़ा। ईद-उल-जुहा के त्योहार पर सोमवार को एमएमजी और संयुक्त अस्पताल में 11 बजे तक ही बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में चिकित्सकों ने मरीजों को परामर्श दिया। अस्पताल बंद होने से लगभग 500 मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए। इसमें भी लू और गर्मी से बीमार हुए लोगों की संख्या अधिक रही।
एमएमजी अस्पताल में सिर्फ 514 मरीजों का ही पंजीकरण हो सका। जबकि दो बजे तक अस्पताल खुलने पर लगभग दो हजार मरीजों का पंजीकरण होता है। ओपीडी जल्दी बंद होने से लगभग पांच सौ मरीज बिना इलाज के ही वापस लौट गए। 11 बजे तक की ओपीडी में सबसे अधिक बुखार, उल्टी-दस्त, बेचैनी, पेट, शरीर व सिर में दर्द के अलावा डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या अधिक रही। 514 मरीजों में उल्टी-दस्त के 300 मरीज ओपीडी में पहुंचे। इमरजेंसी में एक बेड पर दो मरीजों को लिटाकर इलाज किया गया। इसी तरह संयुक्त अस्पताल में नए और पुराने मरीज मिलाकर कुल 400 का पंजीकरण हुआ। इनमें 210 मरीज डायरिया के रहे।
छपरौला से आईं थी पेट दर्द की दवाई लेने
छपरौला निवासी संगीता ने बताया कि दो दिन से पेट में दर्द हो रहा था। पास में ही डॉक्टर से दवाई ली थी लेकिन आराम नहीं मिला। सोमवार को 11 बजे एमएमजी अस्पताल पहुंची थी। यहां पता चला कि अस्पताल बंद हो गया। अब मंगलवार को सुबह आठ बजे आकर डॉक्टर को दिखाऊंगी।
बुखार और शरीर में दर्द की परेशानी, नहीं मिली दवाई
शालीमार गार्डन निवासी राजेश ने बताया कि वह एक कंपनी में खाने की डिलीवरी करते हैं। धूप लगने से बुखार और शरीर में दर्द की परेशानी हो रही है। सोमवार को डिलीवरी के बाद 11:30 बजे अस्पताल पहुंचा तो बंद हो गया था। प्राइवेट डॉक्टर को दिखाऊंगा।
बयान
11 बजे तक मरीजों का पंजीकरण किया गया था। इसके बाद ओपीडी में लाइन में लगे सभी मरीजों का इलाज किया गया। हो सकता है कि कुछ मरीज 12 बजे के बाद आए हों। मेरे पास किसी ने इलाज न मिलने की कोई शिकायत नहीं की है। - डॉ. राकेश कुमार सिंह, सीएमएस एमएमजी अस्पताल