गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण समाप्त होने के बाद अब रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) लैब में हेपेटाइटिस की जांच शुरू होगी। कोरोना कॉल में नियुक्त दोनो माइक्रोबायोलॉजिस्ट की सेवाएं समाप्त होने के बाद लैब की प्रभारी डॉ. सुरुचि सैनी बना दी गई हैं।
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने शनिवार को उन्हें लैब का चार्ज सौंपा। जल्द ही आईडीएसपी लैब भी आरटीपीसीआर लैब में शिफ्ट कर दी जाएगी। शनिवार को लैब में हेपेटाइटिस जांच की गई। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि लैब में अन्य बीमारियों की जांच शुरू करने के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। इसके साथ ही डेंगू की जांच भी अब आरटी-पीसीआर लैब में ही की जाएगी। डेंगू जांच के लिए आईडीएसपी ने अलग से व्यवस्था थी जो कोविड लैब में ट्रांसफर की जाएगी।
कोरोना संक्रमण बढ़ने पर शुरू हुई थी आरटीपीसीआर लैब
कोरोना काल के दौरान पुराना महिला अस्पताल की इमारत में कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब शुरू की गई थी। कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद से लैब में इस समय 25 से 50 संदिग्ध कोरोना जांच की जा रही थीं। विभाग की ओर से कई बार प्रयास किया गया कि लैब में हेपेटाइटिस की जांच शुरु की जाए, लेकिन हर बार टेस्टिंग के दौरान जांच विफल हो गई। जांच के लिए शासन से जरूरी उपकरण और अन्य सामग्री भी उपलब्ध करवा दी गई थी। लैब में आउटसोर्सिंग के जरिए दो माइक्रोबायोलॉजिस्ट और पांच लैब टेक्नीशियन तैनात थे। सरकार के निर्देश के बाद 31 जुलाई को उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके बाद लैब की जिम्मेदारी डॉ. सुरुचि सैनी को सौंपी गई है।