गाजियाबाद। सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (सीजीएसटी) का केस खत्म कराने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार की गईं नोएडा की सीजीएसटी अधीक्षक ममता राणा व इंस्पेक्टर प्रशांत जैन को सुनवाई के लिए पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सीबीआई के लोक अभियोजक व बचाव पक्ष ने अपनी अपनी दलील दी। इसके बाद मामले में 17 जुलाई की तारीख नियत की गई है।
सीबीआई के लोक अभियोजक ने बताया कि नोएडा के दीपक साहू सीजीएसटी का केस खत्म कराने के लिए नोएडा स्थित सीजीएसटी कार्यालय गए थे। आरोप है कि सीजीएसटी का केस खत्म करने के नाम पर कार्यालय अधीक्षक ममता राणा व इंस्पेक्टर प्रशांत जैन ने उनसे पांच लाख रुपये रिश्वत मांगी। दीपक साहू ने 4.90 लाख रुपये दोनों को दे दिए थे। इसके बाद भी उन्होंने उनका काम नहीं किया। आरोप है कि तय सौदे के हिसाब से उन्होंने बची हुई 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर काम करने का आश्वासन दिया। मामले में दीपक ने सीबीआई में शिकायत की। मामले का संज्ञान लेकर 19 जून को सीबीआई ने दीपक साहू को 10 हजार रुपये लेकर ममता राणा के पास भेजा। जिसे लेने के बाद ममता राणा ने पांच हजार रुपये खुद रखे व पांच हजार रुपये प्रशांत जैन को दे दिए। इसी दौरान सीबीआई की टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।