गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने 30 दिन में वाॅटर प्लांट, दुकान व होटल सहित अन्य स्थानों से पानी के 162 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे थे। इनकी जांच रिपोर्ट आ गई है, जिसमें आरओ प्लांट सहित 21 स्थानाें का पानी दूषित मिला है। यानी कि यह पीने लायक नहीं हैं। कहीं पानी में बैक्टीरिया मिला है तो कहीं पर टीडीएस की मात्रा अधिक पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित को नोटिस भेजने के साथ ही नगर निगम, जीडीए और प्रशासन को दी जानकारी भेज दी है।
जिला सर्विलांस अधिकारी (डीएसओ) डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि मंडलायुक्त ने खाद्य पदार्थ और पानी की जांच करने का निर्देश दिया है। अभियान के तहत पानी के प्लांट, होटल, ढाबा, हॉस्टल, फूड स्टॉल और रैंडम तौर पर घरों में पानी की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि गत वर्ष कई स्कूल और कॉलेजों में फूड पॉइजनिंग के मामले सामने आए थे, जिसमें कई छात्र बीमार हुए थे। विभागीय टीमों को उन सभी स्कूल और कॉलेज में पानी की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर भी स्कूल, कॉलेज और हॉस्टलों में जांच अभियान चलाया जाएगा।
पानी में टीडीएस की मात्रा भी ज्यादा
जिले में पानी में टीडीएस की मात्रा मानक से कहीं ज्यादा है। सामान्य रूप से पानी में 150 से 200 तक टीडीएस होना चाहिए, लेकिन अधिकांश नमूनों में टीडीएस की मात्रा 500 से 1000 तक मिल रही है। यहां तक कि कई पानी के प्लांट में भी टीडीएस की मात्रा मानक से अधिक मिल रही है। डीएसओ का कहना है कि मात्रा अधिक होने पर तुरंत किसी तरह का संक्रमण नहीं होता है लेकिन लंबे समय तक अधिक टीडीएस वाला पानी पीने से कई तरह के गंभीर रोग होते हैं। इनमें सबसे गंभीर दिल की बीमारी हो सकती है। इसके अलावा पथरी और संक्रमण भी शामिल हैं।
अप्रैल में फेल हुए नमूने
सुनील पाल वाटर प्लांट महराजपुर
शहजाद वाटर प्लांट आर्यनगर लोनी
विकास वाटर प्लांट राजबाग साहिबाबाद
तसलीम वाटर प्लांट राजीवनगर खोड़ा
जैन स्वीट कंफेक्शनरी मुरादनगर
बंटी वाटर सप्लाई खोड़ा
मुकेश वाटर प्लांट शालीमार गार्डन
राज आरओ प्लांट शांति बाजार खोड़ा
चेतन आरओ प्लांट खोड़ा
भागीरथी फूड एंड वेवरेज साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र
कान्हा बेकरी मोदीनगर
लक्ष्मी आइसक्रीम मवई विजयनगर
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चार महीनों में जांच की स्थिति
माह नमूने फेल
अप्रैल 162 21
मार्च 106 18
फरवरी 166 28
जनवरी 110 17