गाजियाबाद। बड़े ब्रांड और सुपर स्टोर पर बेची जा रही नमकीन, दाल और सेवइयों में हानिकारक रंग मिले हैं। इसकी पुष्टि खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से मिली नमूनों की जांच रिपोर्ट से हुई है। मोर रिटेल शॉप से अरहर की दाल के नमूने जनवरी में जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। जांच रिपोर्ट के अनुसार दाल में जो पॉलिश की गई थी उसमें हानिकारक रंग का प्रयोग किया गया था। इसमें कीड़े भी मिले हैं। वहीं, विशाल मेगा मार्ट से भुनी सेवइयों के सैंपल लिए गए थे, इसमें भी हानिकारक रंग का इस्तेमाल हुआ था। यहीं से नमकीन के सैंपल लिए गए थे जिसके रंग में टेट्राजीन पाया गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलग-अलग समय पर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे, जिनकी जांच रिपोर्ट सोमवार को आई है। लैब से मिली जांच रिपोर्ट में अधिकतर सैंपल असुरक्षित और अधोमानक पाए गए हैं। विभाग की तरफ से तीन स्थानों से पनीर के सैंपल लिए गए थे और भोपुरा से सोया चाप का नमूना लिया गया था। पनीर में क्रीम को निकालकर उसकी जगह अन्य फैट का इस्तेमाल किया गया था और सोया चाप में हानिकारक रंग का इस्तेमाल किया गया था, जिसके इस्तेमाल की अनुमति नहीं है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि जिनके-जिनके यहां के सैंपल अधोमानक मिले हैं उनको नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 30 दिन का समय दिया गया है कि वह चाहें तो सैंपल की जांच अपने खर्चे पर सेंट्रल लैब से करा लें। 30 दिन के बाद एडीएम कोर्ट में वाद दर्ज कराया जाएगा। जिसमें अधिकतम पांच लाख तक का जुर्माना और छह माह की सजा का प्रावधान है।
कुट्टू के आटे का सैंपल मिला खराब
मोदीनगर में नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे का सेवन करने के बाद 150 के करीब लोग बीमार हुए थे। उस समय खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कुट्टू के आटे के सैंपल लिए थे। तीन चार स्थानों से कई सैंपल लिए गए थे उसमें से एक सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार सैंपल असुरक्षित पाया गया है। इसमें कीड़ों के अंश पाए गए हैं। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि कुट्टू या उसका आटा जब पुराना हो जाता है तो उसके अंदर माइक्रोटॉक्सिन बन जाते हैं जो सेहत के लिए नुकसानदेह हैं।