गाजियाबाद। सावन के तीसरे सोमवार पर सभी शिवालयों में भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की गई। सुबह से लेकर शाम तक जलाभिषेक हुआ। मंदिरों में शाम को महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया। विभिन्न सोसायटी के मंदिरों में भी विशेष पूजा और भोलेनाथ का शृंगार किया गया। स्वयंभू मंदिर, दूधेश्वरनाथ मंदिर, होली चाइल्ड स्थित शिव मंदिर, डासना शिवशक्ति मंदिर, मोहननगर मंदिर में परिवार सहित लोगों ने भोलेनाथ का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक किया।
दूधेश्वनाथ मंदिर में सुबह शृंगार आरती के बाद भक्तों ने पूजन और जलाभिषेक किया। सबसे पहले मंदिर के महंत और आचार्य लक्ष्मीकांत पाढ़ी ने फूल,फल, नैवेद्य से पूजन किया उसके बाद छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाया गया। दूधेश्वरनाथ मंदिर और स्वयंभू मंदिर में सोमवार को आठ परिवारों ने रुद्राभिषेक किया।
डाक कांवड़ लाकर किया जलाभिषेक
दूधेश्वरनाथ मंदिर में श्री श्याम सेवा समिति द्वारा लाए डाक कांवड़ से भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक किया गया। डाक कांवड़ की टीम मुरादनगर गंगनहर से जल लेकर आई। श्री श्याम सेवा समिति के संस्थापक महंत विजय गिरी ने बताया कि पहले हर सोमवार को डाक कांवड़ के जल से जलाभिषेक किया जाता था। अब फिर से इस परंपरा को अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में शुरू किया गया है। डाक कांवड़ लाने वालों में मुकेश कुमार, कुलदीप कुमार, कालू भाई, राकेश गुसाईं, अनिल पंडित, सुधीर शर्मा, लोकेश ठाकुर शामिल रहे।