मुरादनगर। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर रेवड़ी रेवड़ा गांव के पास हुए हादसे से कई परिवारों में मातम पसर गया है। हरदोई और शाहजहांपुर निवासी श्रमिक काफी समय सोनीपत में ईंट भट्ठे पर काम करते थे। साल में एक या दो बार त्योहार पर घर जाते थे। अपनों से मिलने की आस में मां-बेटे समेत छह लोगों की रास्ते में ही सांस टूट गई।
हरदोई निवासी नौशाद ने बताया कि वह लोग गुन्नौर में ईंट भट्ठे पर काफी समय से कार्य करते हैं। बकरीद का त्योहार मनाने के लिए घर जा रहे थे। भट्ठा मालिक ने उन्हें कैंटर किराये पर दिया था। जिसमें सवार 37 लोग हरदोई और शाहजहांपुर जा रहे थे। नौशाद ने बताया कि रात करीब सवा एक बजे कैंटर रुकने पर वह भी उतरे और साइड में चले गए। तभी तेज रफ्तार ट्रक आई और कैंटर में पीछे से टकरा गई। हादसे के बाद कुछ समझ नहीं आया कि क्या हो गया और चीख पुकार मच गई। ट्रक की टक्कर लगते ही कैंटर करीब 10 फुट तक खिसकर पलट गया। मजदूर कैंटर में रखे अपने सामान की नीचे दब गए। किसी राहगीर ने हादसे की सूचना पुलिस को दी।
10 मिनट में मौके पर पहुंची पुलिस
एसीपी नरेश कुमार ने बताया कि शनिवार रात करीब सवा एक बजे एक्सप्रेस वे रेवड़ी रेवड़ा गांव के पास हादसा हुआ। पुलिस गश्त कर रही थी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस 10 मिनट में मौके पहुंच गई। हादसे में अधिक लोगों के घायल होने की सूचना पर दो मुरादनगर व चार गाजियाबाद की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में लगी। पुलिस की मदद से घायलों को कैंटर से निकालकर अस्पताल पहुंचा गया।