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Ghaziabad News: गुलमोहर की मेघा का यूपीएससी में चयन

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गाजियाबाद। गुलमोहर एंक्लेव की मेघा अग्रवाल ने यूपीएससी की परीक्षा में 206वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने पांचवें प्रयास में यह मुकाम हासिल किया। उनको मिली इस सफलता के बाद उनके पति सूरज कुमार गुप्ता और उनके माता पिता की खुशी का ठिकाना नहीं है।
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मेघा के पिता जुगल किशोर और मां रेखा अग्रवाल बिजनेस करते हैं। छोटी बहन शिखा अधिवक्ता हैं और भाई हितेश इंजीनियर हैं। मेघा की शादी 2022 में गुरुग्राम निवासी सूरज गुप्ता से हुई थी। तब सूरज गुप्ता भी एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे। मेघा ने बताया कि 2009 में उन्होंने ठाकुरद्वारा स्कूल से 10वीं और 2011 में छबीलदास स्कूल से 12वीं की पढ़ाई की थी।
दोनों परीक्षा में उन्होंने स्कूल टॉप किया था। इसके बाद उन्होंने एनआईटी प्रयागराज से बीटेक किया। तभी उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी करने का निर्णय लिया। वह बताती हैं कि शादी होने के बाद पति व ससुराल पक्ष ने भी उनका पूरा सहयोग किया। इसी वजह से उनको यह सफलता मिली। पति ने अपनी पढ़ाई के साथ उनका भी मनोबल बढ़ाया। मेघा ने बताया कि साक्षात्कार के दौरान उनसे सामाजिक मुददों पर ज्यादा सवाल पूछे गए। करीब 20-22 मिनट के साक्षात्कार में उनसे उत्तर प्रदेश की स्थिति पर भी बात की गई।
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गुलमोहर एंक्लेव आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष मनवीर चौधरी ने अपनी टीम के साथ मेघा को बधाई दी। मनवीर चौधरी ने बताया कि मेघा ने समाज के साथ पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी 2020 में गुलमोहर एनक्लेव निवासी जज एबी सिंह के बेटे आयुष विक्रम सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में 341वीं रैंक हासिल की थी। बाद में उनको यूपी कैडर अलॉट हुआ था। फिलहाल आयुष मेरठ में एसपी सिटी के पद पर तैनात हैं।


सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान दोनों

मेघा का कहना है कि सोशल मीडिया के फायदे भी हैं और नुकसान भी। इसलिए हमें इसकी उपयोगिता को समझना होगा। कई बार यह युवा पीढ़ी का ध्यान भटकाने का भी यह मुख्य कारण बनता है। उन्होंने सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि विषय पर ध्यान केंद्रित करने से परिणाम आएगा। यह मायने नहीं रखता कि आप कितने घंटे पढ़े। मेघा ने बताया कि देश और समाज के विकास में सबसे बड़ा बाधक अपराध है। इसलिए उनका प्रयास रहेगा कि बच्चों को शुरुआत से ही अपराध से दूर रहने और कानून की जानकारी दी जाए। यदि ऐसा संभव होगा तो तरक्की का रास्ता और तेजी से खुलेगा।
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