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Ghaziabad News: दो फर्माें में पकड़ी गई 90 लाख की जीएसटी चोरी

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गाजियाबाद। रेलवे समेत कई सरकारी विभागों को तार, केबल सप्लाई करने वाली कंपनी और बुलंदशहर की कंस्ट्रक्शन फर्म में 90 लाख की जीएसटी चोरी पकड़ी गई है। राज्यकर विभाग की गाजियाबाद इकाई के अधिकारियों ने दोनों फर्माें के दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। फिलहाल तार और केबल बनाने वाली ट्रॉनिका सिटी की कंपनी ने 30 लाख और बुलंदशहर की कंस्ट्रक्शन फर्म से 59.41 लाख रुपये जीएसटी के रूप में जमा कराए हैं।
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गाजियाबाद जोन-2 के ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र स्थित तार और केबल बनाने की कंपनी की 80 फीसदी सप्लाई रेलवे को है। बाकी 20 फीसदी आपूर्ति अन्य सरकारी विभागों में की जाती है। जोन-2 के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 ओपी तिवारी ने बताया कि कंपनी की ओर से दाखिल की गई ऑनलाइन जीएसटी रिटर्न के दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान पाया गया कि कई ऐसी फर्माें से खरीद दर्शायी गई हैं जो फर्म हैं ही नहीं। दिल्ली और कई अन्य शहरों के फर्जी पतों पर पंजीकृत बोगस फर्माें से खरीद दर्शाकर आईटीसी (इनपुट क्रेडिट टैक्स) ले लिया गया। प्रारंभिक जांच में 30 लाख की गड़बड़ी सामने आने पर फर्म ने यह रकम जमा करा दी है।
आईटीसी क्लेम लेने में फर्जीवाड़ा करने वाली दूसरी फर्म बुलंदशहर में पंजीकृत है। आवास विकास विभाग में कांट्रेक्ट लेने वाली इस फर्म के संचालक ने ई-वे बिल ज्यादा रकम के दर्शाए हैं, जबकि इसकी वास्तविक खरीद कम थी। यानी ज्यादा खरीद दर्शाकर आईटीसी क्लेम ज्यादा ले लिया गया और जो टैक्स जमा करना चाहिए था, वह नहीं किया। इस फर्म की ओर से जीएसटी के रूप में कम रकम जमा कराए जाने पर इसे रेड फ्लैग फर्माें की सूची में डालकर पड़ताल की गई। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आई गड़बड़ियों के आधार पर फर्म से 59.41 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। विस्तृत जांच में अगर टैक्स चोरी की रकम बढ़ी तो टैक्स की रकम के साथ-साथ जुर्माने की रकम भी जमा कराई जाएगी।
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