गाजियाबाद/बुलंदशहर। विद्युत ट्रांसफार्मर मरम्मत और किराये पर देने वाली फर्म पर राज्यकर विभाग की टीम ने 53 लाख की जीएसटी चोरी पकड़ी है। मंगलवार सुबह 11 बजे से बुधवार तड़के तीन बजे तक लगातार 16 घंटे चली जांच में टैक्स चोरी से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। फर्म ने 33 लाख रुपये का आईटीसी फर्जी तरीके से क्लेम किया था और 20 लाख रुपये का जीएसटी कम जमा कराया था। कार्रवाई के बाद फर्म संचालक ने मौके पर ही 53 लाख रुपये जमा करा दिए।
जीएसटी विभाग के गाजियाबाद जोन द्वितीय के अपर आयुक्त ग्रेड- दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि फर्म के डाटा विश्लेषण के आधार पर टैक्स चोरी का पता चला था। इसके बाद संयुक्त आयुक्त विवेक सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई और बुलंदशहर के मामन रोड स्थित फैक्टरी पर छापा मारा गया। बिजली ट्रांसफार्मर व मोटर की मरम्मत और किराये पर देने का काम करने वाली फर्म पर जांच के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताएं मिलीं। जांच में सामने आया कि फर्म संचालक ने लगातार कम जीएसटी जमा कराया। इसके अलावा बंद हो चुकी फर्मों से खरीद दर्शाते हुए आईटीसी का लाभ लिया है। भवन निर्माण के लिए खरीदी गई सामग्री पर भी फर्जी तरीके से आइटीसी क्लेम ले लिया, जबकि यह सामग्री व्यापार से संबंधित ही नहीं थी।
जांच में सामने आया कि फर्म में जो माल जॉब वर्क के लिए आया या जो माल किराये पर दिया गया, उसकी वापसी की स्थिति स्पष्ट नहीं थी। लेखा पुस्तकों में घोषित स्टॉक में भी बड़ा अंतर पाया गया। व्यापारी ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए 33 लाख रुपये के फर्जी आइटीसी क्लेम और 20 लाख रुपये कर समेत कुल 53 लाख रुपये मौके पर ही जमा कराए। टीम में उपायुक्त डीके बहादुर, अतिरिक्त आयुक्त रविकांत, अतिरिक्त आयुक्त पीएन मिश्रा मौजूद रहे।
तीन फर्मों से जमा कराए दो करोड़
इस माह के दो सप्ताह में जीएसटी की टीम ने जिले में तीन फर्मों पर कार्रवाई करते हुए करीब दो करोड़ रुपये जमा कराए हैं। उपायुक्त डीके बहादुर ने बताया कि आगे भी कर चोरी के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई जारी रहेगी।