मोदीनगर। दिल्ली-मेरठ मार्ग पर दशकों से बंद पड़ी मोदी कपड़ा मिल स्थित राजपूताना फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के कार्यालय पर शुक्रवार को मेरठ की जीएसटी टीम ने छापा मारकर यहां से कई लैपटॉप और पैन ड्राइव सहित तमाम दस्तावेज कब्जे में लिए। टीम कंपनी के निदेशक सहित तीन लोगों को भी अपने साथ मेरठ ले गई। टीम ने उनसे रातभर पूछताछ करने के बाद शनिवार सुबह छोड़ा। जीएसटी विभाग को यहां करोड़ों रूपये के कर चोरी की शिकायत मिली है। कंपनी के निदेशक ने छापे और पूछताछ की बात स्वीकारी है।
मेरठ मंडल की गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) की टीम ने शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे राजपूताना फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के कार्यालय पर छापा मारा। टीम ने कार्यालय में मौजूद सभी कर्मचारियों के मोबाइल कब्जे में ले लिए और जांच पड़ताल शुरू कर दी। टीम ने वहां लगे कंप्यूटर के सीपीयू और लैपटॉप और पैन ड्राइव कब्जे में ले ली। टीम ने लगभग सात घंटे तक कार्यालय का रिकॉर्ड खंगाला। इसके बाद टीम कंपनी के निदेशक अलोक संगल और अन्य दो कर्मियों को अपने साथ मेरठ ले गई। उनसे रातभर पूछताछ करने के बाद सुबह छोड़ा गया। अलोक संगल ने बताया कि जीएसटी की टीम ने शुक्रवार को उनके कार्यालय पर छापेमारी की थी। यहां से कुछ सामान अपने साथ ले गई है। हमें भी टीम अपने साथ ले गई थी। पूछताछ करने के बाद शनिवार सुबह घर भेज दिया गया। जीएसटी चोरी जैसी अभी कोई बात सामने नहीं आई है।
राजपूताना फर्टिलाइजर्स लिमिटेड एसके मोदी ग्रुप की कंपनी है। बंद पड़ी मोदी कपड़ा मिल से स्क्रैप बेचा जा रहा है। कई श्रमिक संगठन स्क्रैप बिक्री पर रोक की मांग कर चुके है। स्क्रैप बिक्री को लेकर साल 2019 में विवाद भी हुआ था। बताया गया कि स्क्रैप का काम राजपूताना फर्टिलाइजर्स देख रही है। श्रमिक संगठनों ने स्क्रैप बिक्री में कर चोरी की शिकायत थी।