प्रॉपर्टी डीलर और मकान मालिक पर धोखाधड़ी का आरोप
लोन कराने बैंक में गए तो फर्जीवाड़े का पता चला, आरोपी के पास नहीं थे मकान के कागजात
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। विजयनगर क्षेत्र में मकान दिलाने का झांसा देकर प्रापर्टी डीलर और मकान मालिक ने मिलकर खरीदार से 6.65 लाख रुपये हड़प लिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद उन्होंने न तो मकान की रजिस्ट्री की और न ही रुपये लौटाए। उन्होंने प्रॉपर्टी डीलर समेत चार लोगों के खिलाफ विजयनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सेक्टर-11 प्रताप विहार के रहने वाले कुनाल भार्गव का कहना है कि मकान खरीदने के लिए उन्होंने शशिकांत मिश्रा नाम के डीलर से मुलाकात की। शशिकांत ने सेक्टर-11 प्रताप विहार में ही मकान दिखाया और उन्हें वह पसंद आ गया। मकान मालिक मृदुला शर्मा और उनके पति उदय प्रकाश शर्मा के साथ शशिकांत ने 24,60,000 रुपये में सौदा तय करा दिया। मई 2022 में दोनों के बीच इकरार नामा हो गया और एक लाख रुपये बयाना के तौर पर मृदुला शर्मा व उदय प्रकाश शर्मा और उनके बेटे शिवम को दे दिए। उनका कहना है कि इसके बाद मृदुला शर्मा व उदय प्रकाश शर्मा ने एक बार 50000 रुपये, दूसरी बार में 2,50,000 रुपये, तीसरी बार में 25,000 रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कराए। जून 2022 में 2,00,000 रुपये नकद खाते में जमा कराए गए। जून में ही उनके बेटे शिवम के खाते में 40,000 रुपये जमा कराए गए। बकाया 17.95 लाख रुपये होम लोन लेकर रजिस्ट्री के समय पर देने का वादा हुआ था। कुनाल का कहना है कि मृदुला ने शशिकांत के हाथों मकान के कागजात और आईडी की छायाप्रति लोन कराने के लिए भेज दी। उन्होंने एसबीआई में लोन के लिए आवेदन किया तो आवेदन निरस्त हो गया। बैंक ने कहा कि मकान मालिक के पास असल जीपीए नहीं है। इसके बाद उन्होंने परिचितों से रुपया उधार लेकर रजिस्ट्री कराने के लिए मृदुला और उनके पति को कहा, लेकिन उन्होंने पहले तो कुछ दिन बाद कराने का भरोसा दिया, बाद में इन्कार कर दिया। पड़ताल की तो पता चला कि उन्होंने मकान पर बैंक से लोन ले रखा था और किस्त अदा नहीं की थी। मकान की नीलामी होने वाली थी।