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Ghaziabad News: वकील झुके न सरकार, हड़ताल से मुकदमों का बढ़ा अंबार

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गाजियाबाद। वकीलों की 29 अगस्त से चली आ रही हड़ताल समाप्त होने के आसार नहीं बन रहे हैं। वकीलों का कहना है कि हापुड़ के डीएम और एसपी के हटाए जाने तक हड़ताल खत्म होने का सवाल ही नहीं है। दूसरी ओर सरकार उनकी इस मांग को मानने के लिए राजी नहीं हो रही। सरकार पर और दबाव बनाने के लिए वकीलों ने बृहस्पतिवार को हापुड़ में महापंचायत बुलाई है। इसमें उत्तर प्रदेश के साथ अन्य प्रदेशों के वकीलों के आने की भी संभावना है। महापंचायत में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
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यह हड़ताल हापुड़ में वकीलों पर किए गए पुलिस के लाठीचार्ज के विरोध में चल रही है। आसार इसके जारी रहने के ही बन रहे हैं। ऐसे में कोर्ट में लंबित मुकदमों की संख्या रोज बढ़ती जा रही है। गाजियाबाद कोर्ट में रोज 12 से 15 मामले निपट जाने का औसत रहा है। हड़ताल को 20 दिन से ज्यादा हो गए। इसका नतीजा यह है कि कोर्ट में लंबित मुकदमों का अंबार और बढ़ गया है। हड़ताल शुरू होने से पहले तीन लाख से ज्यादा मुकदमे चल रहे थे, इनकी संख्या रोज बढ़ती जा रही है क्योंकि पुराने निपट नहीं रहे और पुलिस नए दर्ज करती जा रही है।



निर्णय के करीब आकर भी अटके मामले

अदालतों में निर्णय में लगे 1479 मुकदमों में तारीख पर तारीख लग रही है। 2356 मामले गवाही और 819 में अंतिम बहस नहीं हो पा रही है। मजिस्ट्रेट कोर्ट के 800 से 900 मुकदमों में तारीख लग रही है। वहीं, जिला एवं सत्र न्यायालय में भी 150 से 175 मामलों में भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही।
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3.31 लाख मुकदमे लंबित

नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड के अनुसार वकीलों के हड़ताल पर जाने से पहले अदालतों में 3,31,803 मुकदमे लंबित थे। इनमें से 264766 मामले वारंट और समन में अटके हैं, जो वादी-प्रतिवादी को तामील नहीं हो पा रहे हैं। 17058 मामलों में गवाही, साक्ष्य और निर्णय नहीं हो पा रहे हैं।


सभी गेट बंद कराए

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली ने कहा कि हड़ताल के समर्थन में मंगलवार को वकीलों ने चैंबरों पर ताले डालने के साथ कोर्ट परिसर के सभी गेट बंद करा दिए। इस वजह से अदालत में कोई भी व्यक्ति दाखिल नहीं हो पाया। अध्यक्ष का कहना है कि जब तक वकीलों की सभी मांगे नहीं मानी जाएगी आंदोलन जारी रहेगा। बड़ी संख्या में वकील हापुड़ पहुंचकर धरने में शामिल हुए।
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