गाजियाबाद। जिले की ट्रांसपोर्ट कंपनियों को खुलवाकर यदि माल की बुकिंग और डिलीवरी चालू कराई गई तो इसके दुष्प्रभाव आने वाले दिनों में दिख सकते हैं। इसकी जानकारी देने के लिए गाजियाबाद महानगर गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के एक प्रतिनिधि मंडल ने एडीएम प्रशासन संतोष कुमार से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल में संस्था के अध्यक्ष अजय पाठक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष मैत्रेय और महासचिव विपिन सिंघल शामिल थे। प्रतिनिधि मंडल एडीएम प्रशासन के बुलावे पर वार्ता के लिए कलक्ट्रेट स्थित उनके कार्यालय गया था। प्रतिनिधि मंडल की इस राय से एडीएम प्रशासन सहमत दिखे कि यदि जिले की ट्रांसपोर्ट कंपनियों को खुलवाकर ढुलाई के काम में लगाया गया तो काफी संख्या में लोगों को बाहर निकालना पड़ेगा। जिसकी वजह से लॉकडाउन पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। प्रतिनिधि मंडल के सुझाव पर निर्णय लेते हुए उन्होंने वहां मौजूद अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए कि गाजियाबाद में कोई भी ट्रांसपोर्टर अपनी ट्रांसपोर्ट खोलकर काम नहीं करेगा और सभी ट्रांसपोर्टर आवश्यकतानुसार सीएफएफ और डिपो को गाड़ी उपलब्ध कराएंगे जो कि दूसरे शहरों में सीधे संबंधित पार्टी के पास जाकर माल उतरेगी। एडीएम प्रशासन संतोष कुमार ने एसोसिएशन से जरूरी सामान और दवाइयों की सप्लाई में किसी तरह की कोई कमी न आने देने की अपील भी की। एडीएम प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया कि आवश्यक वस्तुओं का परिवहन कर रहे किसी वाहन को गाजियाबाद ही नहीं प्रदेश के बाकी जिलों भी नहीं रोका जाएगा। उन्होंने वहां मौजूद अपने कार्यालय के कर्मचारियों को भी इस बारे में आदेश दिया कि यदि किसी और जनपद में भी आवश्यक वस्तुओं को ले जा रहे वाहन को रोका जाता है तो वहां के एडीएम से वार्ता कर समस्या का समाधान करने में सहयोग किया जाए।