गाजियाबाद। रेलवे स्टेशन स्थित यार्ड से गजरौला जा रही मालगाड़ी बृहस्पतिवार सुबह 9:30 बजे स्टेशन के पास ही मेनलाइन पर पहुंचते ही पटरी से उतर गई। इससे 15 से अधिक ट्रेनें देरी से चलीं। कई ट्रेनों को डायवर्ट कर निकाला गया। रेलवे के इंजीनियरों ने तीन घंटे से ज्यादा की मशक्कत के बाद मालगाड़ी के डिब्बे को पटरी पर चढ़ाकर दोपहर 1:15 बजे उसको रवाना कराया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यार्ड में लाइन नंबर-46 पर खड़ी (डाउन गजरौला लोड) मालगाड़ी सुबह करीब 9:25 बजे मेन लाइन पर चढ़ने के लिए आगे बढ़ी। 9:30 बजे जैसे ही मालगाड़ी मुख्य लाइन पर पहुुंची तो इंजन के साथ जुड़ा डिब्बा पटरी से उतर गया। इसकी जानकारी मिलते ही रेल प्रबंधन मौके पर पहुंच गया। इंजीनियरों की टीम करीब 10 बजे मौके पर पहुंची और मालगाड़ी को पटरी पर चढ़ाने का काम शुरू कर दिया गया।
दोपहर 1:15 बजे मालगाड़ी को पटरी पर चढ़ाकर आगे के लिए रवाना किया गया, पटरी के एलाइनमेंट को सही करने के लिए पूरे दिन टीम मेहनत करती रही। रेलवे के उच्चाधिकारियों ने पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस बारे में नार्दर्न रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि मालगाड़ी के पटरी से उतरने के प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। एक बजे के बाद ट्रेनों की आवाजाही सामान्य हो गई थी।
15 से ज्यादा ट्रेनें देरी से चलीं
जम्मूतवी से जैसलमेर जा रही शालीमार एक्सप्रेस गुलधर में करीब 9:35 पर पहुंची थी। जैसे ही मालगाड़ी के बेपटरी होने की सूचना मिली तो उसको गुलधर में ही रोक दिया गया। यह ट्रेन करीब सवा घंटे से ज्यादा देर तक यहां खड़ी रही। पौने 11 बजे के बाद इसे रवाना किया गया। इसके पीछे आ रही इंटरसिटी, देहरादून, जनशताब्दी, गोल्डन टेंपल भी करीब एक घंटे देरी से चलीं। इसके अलावा पुरानी दिल्ली से गाजियाबाद तक चलने वाली ईएमयू एक्सप्रेस एक घंटे 17 मिनट, मथुरा जंक्शन से गाजियाबाद तक चलने वाली गाजियाबाद ईएमयू एक्सप्रेस करीब एक घंटे, पलवल से गाजियाबाद तक चलने वाली ईएमयू एक घंटे 18 मिनट देरी से चली। कई बहनें भी अपने भइयों को राखी बांधने जा रही थीं, जिनको लंबा इंतजार करना पड़ा। बृहस्पतिवार को गर्मी ने यात्रियों का खूब पसीना निकाला। देर होने की वजह से बड़ी संख्या में यात्री बस, ऑटो व अन्य साधनो से गंतव्य तक पहुंचे।
लगातार हो रहीं ट्रेनें बेपटरी
27 जून को प्लेटफार्म नंबर-1 पर ईएमयू पटरी से उतर गई थी। इसके अलावा यार्ड में खड़ी मालगाड़ी का इंजन भी करीब ढाई माह पहले पटरी से उतर गया था। हादसे की वजह विभाग के अधिकारी बताने से बच रहे हैं।