गाजियाबाद। सिहानी गेट क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी विद्यालय के छात्रावास से मंगलवार को भागीं तीनों छात्राओं को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि रात में सोने को लेकर वार्डन की डांट से नाराज होकर वे हॉस्टल से चली गई थीं। उन्होंने बताया कि वे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन में बैठ गईं और मेरठ स्टेशन पर उतर गईं। रुपये खत्म होने पर बस से गाजियाबाद गईं। यहां शहीद स्थल के पास से किसी से मोबाइल मांगकर एक छात्रा ने मां को कॉल करके अपनी लोकेशन दी। इसके बाद अभिभावकों ने सिहानी गेट पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को बरामद कर लिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हॉस्टल में रह रही आठवीं की छात्रा के माता पिता का तलाक हो चुका है। दोनों में से कोई भी उसका ध्यान नहीं रखता। ऐसे में कुछ समय पहले उसके परिवार के लोगों ने उसे हॉस्टल में डाल दिया। वह इससे भी नाराज थी। छात्रा ने आपबीती साथ में रह रही दो अन्य छात्राओं को बताई। सोमवार रात को जब वे खाना खाने के बाद सोने गए तो तीनों सो नहीं रही थी। इस पर वॉर्डन ने उनकी डांट लगा दी। इसी से वह नाराज हुई और यह कदम उठाया। डीसीपी नगर राजेश कुमार ने बताया कि तीनों छात्राओं को उनके परिवार को सौंप दिया है।
रास्ते में मिली पुलिस को बताया दोस्त के बर्थडे से आ रहे हैं
जानकारी के अनुसार हॉस्टल से निकलने के बाद तीनों छात्राएं पैदल ही गाजियाबाद रेलवे स्टेशन तक गईं। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें बाइक पर पुलिसकर्मी मिले थे। उन्होंने उन्हें टोका भी था। इस उन्होंने छात्राओं ने दोस्त के बर्थडे से आने की बात कही। इसके बाद वे वहां से छिपकर निकल गई। पुलिस से बातचीत में किशोरियों ने बताया कि तीनों के पास करीब 800 रुपये थे और रुपये खत्म होने के बाद बिना टिकट ही बस में बैठकर लौटकर आईं थी।