आवश्यक होने पर लिखा जाए इंजेक्शन : डीएम
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। जिले में बढ़ रहे ब्लैक फंगस पर नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा -निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में सीएमओ डॉ एनके गुप्ता ने बताया कि अब तक कुल 65 मरीज ब्लैक फंगस के मिले हैं, जिनमें से 31 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत हुई थी। 33 मरीजों का अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
कैंप कार्यालय पर समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सीएमओ डॉ एनके गुप्ता को निर्देश दिया कि प्राइवेट अस्पतालों को निर्देशित करें कि ब्लैक फंगस के जो मरीज आ रहे हैं, उनका रूट का एनालिसिस किया जाए। इससे बीमारी की चपेट में आने की जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने सीएमओ से कहा कि इलाज करने वाले प्राइवेट अस्पतालों का व्हाट्स एप ग्रुप बनाएं, ताकि विशेषज्ञ चिकित्सक ब्लैक फंगस को लेकर आपस में सलाह मशविरा कर सकें और इस बीमारी से बचाव, दवा, इंजेक्शन व उपाय इत्यादि के संबंध में जानकारियां आपस में साझा कर सुगमता से मरीज का इलाज कर सकें। डीएम ने यह भी कहा कि सीएमओ डॉक्टरों से इस बीमारी का उपचार एवं इससे बचाव हेतु जनसामान्य के लिए तत्काल एडवाइजरी तैयार करें कि कोविड से ठीक होने वाले लोग किन कारणों से ब्लैक फंगस की चपेट में आ रहे हैं, ताकि इससे लोगों को बचाया जा सके। मधुमेह के मरीज को ब्लैक फंगस सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। ऐसे लोग क्या-क्या सावधानी बरतें कि उनकी शुगर नियंत्रित रहे। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ब्लैक फंगस के उपचार में प्रयोग किया जाने वाला इंजेक्शन केवल आवश्यक होने पर चिकित्सकों द्वारा लिखा जाए। समीक्षा के दौरान अपर नगर मजिस्ट्रेट (द्वितीय) विनय सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल और डब्लूएचओ से डॉ. अभिषेक कुलश्रेष्ठ आदि उपस्थित रहे।
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आशुतोष यादव