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ऑक्सीजन प्लांट के नाम पर चल रही है कागजी कार्यवाही

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नोट: अधिकारी का बयान रह गया है.. बात होने के साथ ही भेजता हूं। ----- ऑक्सीजन प्लांट के नाम पर चल रही है कागजी कार्यवाही - सीएम के दौरे के 12 दिन बाद भी शुरू नहीं हो सका एक भी ऑक्सीजन प्लांट - जिले में 9 प्लांट शुरू करने की है योजना शोभित शर्मा गाजियाबाद। कोरोना काल में सबसे बड़ी दिक्कत ऑक्सीजन को लेकर सामने आई, जिसके बाद जिले में नौ ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने की घोषणा की गई। 16 मई को खुद प्रदेश के सीएम भी ऑक्सीजन प्लांट को लेकर घोषणा कर गए लेकिन कागजों पर चल रहे कार्य के चलते नौ में से सात जगह ऑक्सीजन प्लांट का काम शुरू भी नहीं हुआ है। जिला महिला अस्पताल और संजयनगर संयुक्त अस्पताल में प्लांट 30 मई तक शुरू होना था लेकिन अभी इसमें भी देरी नजर आ रही है। जिले में कोरोना के पीक टाइम पर ऑक्सीजन की किल्लत से कई मरीजों की जान भी चली गई जबकि अस्पतालों में आए दिन ऑक्सीजन खत्म होने से सैंकड़ों मरीजों की जान पर बनी रही। अप्रैल और मई की शुरुआत में जिले में ऑक्सीजन का बड़ा संकट देखने को मिला। इसके बाद स्वास्थ्य राज्य मंत्री व नगर विधायक अतुल गर्ग ने विधायक निधि में से 50 लाख रुपए जिला एमएमजी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के लिए दिए। इसके बाद 6 मई को संयुक्त अस्पताल में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड प्लांट लगाने के लिए आगे आई। संस्था ने जिला एमएमजी अस्पताल में भी प्लांट लगाने के लिए कहा है। 10 दिन में प्लांट को शुरू करने का दावा किया गया लेकिन इसकी शुरुआत नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री के आने से पहले सरकारी अस्पतालों, ईएसआई हॉस्पिटल, स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन प्लांट की पूरी तैयारी थी लेकिन उनके दौरे के करीब 12 दिन बाद भी इसकी शुरुआत नहीं हो सकी। डासना, मोदीनगर, मुरादनगर में अभी निर्माण एजेंसी के नाम भी तय नहीं हैं। ----- 30 से 35 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की बची जरूरत: जिले में कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के साथ ही ऑक्सीजन की मांग भी आधी रह गई है। जिले में इन दिनों 30 से 35 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग है। अप्रैल और मई की शुरुआत में कोरोना संक्रमण के अधिक मामलों के चलते 80 से 90 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की प्रतिदिन मांग थी। जिले में 215 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का प्रतिदिन उत्पादन किया जा रहा है। इसमें 150 मोदीनगर प्लांट व 65 मीट्रिक टन मैसर्स गोयल गैस से किया जा रहा है। ----- यहां लगने हैं ऑक्सीजन प्लांट: --- अस्पताल - निर्माण एजेंसी - निर्माण पूरा होने की तारीख ---- 2 प्लांट जिला एमएमजी अस्पताल - सोन्याटेक नोएडा - 30 जून ----- संजयनगर संयुक्त जिला अस्पताल- सोन्याटेक नोएडा- 30 मई ----- जिला महिला अस्पताल- डीबीएस इंजीनियरिंग- 30 मई ----- ईएसआइसी राजेंद्रनगर एयर शुद्धि अहमदाबाद- 30 जून ----- सीएचसी मुरादनगर- - 30 जून ----- सीएचसी लोनी - मोनोटेक - 30 जून ---- सीएचसी डासना-- 30 जून ---- सीएचसी मोदीनगर -- 30 जून --- पीएचसी भोजपुर - पूरन एसोसिएट्स- 30 जून --------------- 3 करोड़ से अधिक होंगे खर्च: जिले में 9 ऑक्सीजन प्लांट पर करीब 3 करोड़ 15 लाख खर्च होंगे। दो प्लांट विधायक निधि जबकि अन्य प्लांट कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉसबिलिटी (सीएसआर) के जरिए लगवाए जा रहे हैं। एक प्लांट पर 25 से 40 लाख रूपए के बीच खर्च आ रहा है। ------ जून के पहले सप्ताह में तीन प्लांट शुरू करने का दावा: जिला एमएमजी अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और संयुक्त जिला अस्पताल में सहयोगी संस्थाओं ने जून के पहले सप्ताह में प्लांट शुरू करने का दावा किया है। संयुक्त अस्पताल को कोविड एल-2 बनाया गया है जहां 24 बेड पर निर्बाध ऑक्सीजन की सप्लाई हो सकेगी। प्लांट से हर मिनट में 150 से 160 लीटर ऑक्सीजन की सप्लाई सीधे बेड पर होगी। -----
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