सबहेड: जीडीए वीसी ने खाली फ्लैटों की कीमत का पुननिर्धारण कर विक्रय योजना बनाने के निर्देश, कमेटी गठित
- प्राधिकरण की मधुबन, इंद्रप्रस्थ, चंद्रशिला, कोयल एंक्लेव सहित अन्य योजनाओं में बड़ी संख्या में भवन हैं खाली
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। गुणवत्ता में प्राइवेट बिल्डर से बहुत आगे होने के बावजूद अधिक कीमत के चलते जीडीए की विभिन्न योजनाओं में बड़ी संख्या में फ्लैट खाली पड़े हुए हैं। अब जीडीए के खाली पड़े भवनों की कीमत बाजार की मांग के बराबर लाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं में खाली फ्लैटों के विक्रय के लिए उनकी कीमतों को बाजार की मांग के अनुसार पुननिर्धारण करने और विक्रया की योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
जीडीए वीसी के आदेश पर कमेटी का गठन कर खाली भवनों की कीमत के पुननिर्धारण पर मंथन शुरू हो गया है। भवनों की कीमत कम करने के लिए पहले प्राधिकरण की ओर से प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। फिर बोर्ड की हरी झंडी के बाद शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बाजार मूल्य से अधिक कीमत के चलते कई आवासीय योजनाएं निकाले जाने और बेहतर गुणवत्ता के बावजूद लोग जीडीए के भवनों को खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसी के चलते चंद्रशिला अपार्टमेंट योजना, मधुबन बाहुमंजिला आवासीय योजना, इंद्रप्रस्थ योजना, कोयल एंक्लेव योजना में 50 फीसदी से अधिक आवास खाली पड़े हैं।
जीडीए की मधुबन बापूधाम योजना में बहुमंजिला आवासीय योजना, एलआईजी व ईडब्ल्यूएस में करीब 725 फ्लैट खाली हैं। बीते दो सालों में जीडीए पांच बार स्कीम निकाल चुका है, लेकिन हर बार नतीजे उम्मीद से विपरीत आए। जीडीए की शहर के बिल्कुल बीचाेंबीज सिहानी थाने के बराबर चंद्रशिला योजना में करीब 74 फ्लैट खाली हैं। प्रोजेक्ट डेढ़ साल लेट होने के चलते कई लोग रिफंड ले चुके हैं। यहां एचआईजी दो बीएचके प्लस स्टडी फ्लैट की संख्या 26, दो बीएचके तीन बालकनी की संख्या 12 और दो बीएचके चार बालकनी फ्लैट की संख्या 36 है। चंद्रशिला योजना में भवनों का अनुमानित मूल्य 43 लाख से 65 लाख तक है। इसके अलावा जीडीए की कोयल एंक्लेव योजना, इंद्रप्रस्थ योजना में तमाम फ्लैट खाली हैं। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि खाली भवनों की कीमतों को बाजार की मांग के अनुसार उनका पुनर्निधारण के लिए कमेटी गठित की गई है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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