बुलंदशहर। दर-दर की ठोकरें खा रहे जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गांव रौंडा निवासी सेवानिवृत्त जवान की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होते ही, प्रशासन की नींद टूटी है। अनूपशहर एसडीएम ने सोमवार को पीड़ित जवान को कार्यालय बुलाकर मुलाकात की और उनकी शिकायत को सुनने के बाद तहसीलदार को नपाई कर तीन दिन के भीतर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने गत शनिवार के अंक में 'दुश्मन को मात देने वाला अपनों से हार रहा' शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। गौरतलब है कि जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गांव रौंडा निवासी नवाब सिंह पुत्र होशियार सिंह कई बार अफसरों के दर पर चक्कर काट कर भू माफिया के खिलाफ शिकायत कर चुके थे। बीते दिनों उन्होंने बताया कि वह सेना से सेवानिवृत्त हैं। वर्ष 1971में उन्होंने पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में भी लोहा लिया था और दुश्मन की गोली अपने सीने पर खाकर देश की सेवा की थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से हुए युद्ध में तो वह जीत गए थे, लेकिन तब यह नहीं पता था कि देश की सेवा करने का उन्हें अपने ही देश और घर में यह सबक मिलेगा। बताया सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वह अपने गांव में ही रहकर खेतीबाड़ी करने लगे। उनका पुत्र भी अब सेना में देश सेवा कर रहा है। गांव में उनकी जमीन पर दबंगो ने अवैध रुप से कब्जा कर लिया है। आरोपियों ने चकरोड को अपने खेत में मिला लिया है और पीडि़त के खेत से चकरोड निकाल दी है। जिससे उनके खेत का काफी रकबा कम हो गया है। इस संबंध में उन्होंने पूर्व में कई बार डीएम-एसएसपी से शिकायत की थी। जिसके बाद उनकी शिकायत पर एक बार डीएम और एसएसपी ने आदेश भी कर दिए कि संबंधित थाना और तहसील प्रशासन उनकी जमीन से अवैध कब्जे को मुक्त कराए। लेकिन, इसके बावजूद सिस्टम की लापरवाही और ढुलमुल रवैये के कारण उनकी जमीन को अभी तक कब्जा मुक्त नहीं कराया गया। साथ ही पीडि़त ने सोमवार को बताया कि खबर प्रकाशित होने के बाद एसडीएम अनूपशहर ने पीडि़त सेवानिवृत्त जवान को कार्यालय बुलाया। साथ ही उनसे मुलाकात कर उनकी शिकायत को सुना और तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच पड़ताल करने और नपाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने तीन दिन के अंदर आख्या प्रस्तुत करने के लिए कहा है। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।