बुलंदशहर। सिकंदराबाद थाना क्षेत्र में मार्च 2017 में छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने वाले आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट द्वितीय राजेश पाराशर ने दोषी करार दिया है। साथ ही उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
विशेष लोक अभियोजक पोक्सो भरत शर्मा और सहायत जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ध्रुव कुमार वर्मा ने बताया कि सिकंदराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 21 मार्च 2017 को सिकंदराबाद कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि वह मजदूरी करती है। 21 मार्च को वह मजदूरी करने के लिए गई थी। उसी दौरान गांव निवासी आरोपी हरिओम उसकी छह वर्षीय मासूम पुत्री को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोपी ने उसे 15 रुपये का लालच दिया और भूसे के बोंगे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी। वादिया की दूसरी पुत्री ने आरोपी को देखा और शोर मचा दिया। जिस पर आरोपी वहां से भाग गया। थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। वहीं, अब न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए दस वर्ष सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।