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सारंगपुर में महापंचायत, 25 गांवों से दो-दो ट्रैक्टर लेकर बॉर्डर पर पहुंचेंगे किसान

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खुर्जा जंक्शन। हर गांव से दो-दो ट्रैक्टर लेकर किसान बार्डर पर चल रहे धरने में शामिल होने पहुंचेंगे। सारंगपुर में 25 गांवों की हुई पंचायत में रणनीति बनाते हुए किसानों ने इसका एलान किया। पंचायत में लोगों से अपील की गई कि धरने पर बैठे किसानों के लिए खाने-पीने का सामान पहुंचाने से लेकर अन्य सहायता के लिए तैयार रहें। पंचायत में किसानों ने कृषि कानून का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग सरकार से की। सोमवार को क्षेत्र के किस्वागढ़ी, फिरोजपुर, रामगढ़ी, भादवा, समसपुर, सनैता, मधुपुरा, मदनपुर, साहपुर, भाईपुर, भूतगढ़ी, भुन्ना, मैनामौजपुर, नेकपुर, कलाखुरी, उदयपुर समेत 25 गांवों के किसान सारंगपुर गांव में एकत्रित हुए। जहां पर किसानों ने कृषि कानून के विरोध में नारेबाजी करते हुए पंचायत का आयोजन किया। पंचायत की अध्यक्षता करते हुए चौधरी महेन्द्र सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस करने की मांग को लेकर गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन चल रहा है। जहां पर धरना देते हुए दो माह से भी ज्यादा समय हो गया है। उन्होंने कहा कि हर गांव से दो-दो ट्रैक्टर लेकर भारी से भारी संख्या में किसान गाजीपुर बार्डर पर धरने में शामिल होने के लिए पहुंचें। चौधरी रामभूल सिंह ने कहा कि कृषि कानून किसी भी हाल में किसानों के हित में नहीं है। इसके विरोध में चल रहे आंदोलन को और मजबूत बनाना है। ताकि सरकार इस कानून को वापस ले। उन्होंने पंचायत में कहा कि तन-मन और धन से धरने पर बैठे किसानों की सहायता करें। साग-सब्जी, दूध समेत खाने-पीने का जो भी सामान जिसके पास हो उसे लेकर गाजीपुर बार्डर पर पहुंचें। पंचायत का संचालन करते हुए लोकदल के विकास चौधरी ने कहा कि जबतक सरकार कृषि वापस लेने की मांग नहीं मानती तब तक आंदोलन चलता रहेगा। इसके लिए गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक किया जाएगा साथ ही लोगों को गाजीपुर बार्डर पर चलने के लिए तैयार किया जाएगा। भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी सतपाल ने कहा कि गाजीपुर बार्डर पर चल रहे धरने का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के साथ मजबूती के साथ किसान खड़े हैं। किसी भी हाल में उनका कद झुकने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हमें तारीख पर तारीख दे रही है। मामले को टालने की कोशिश कर रही है। ताकि हम थक जाएं और आंदोलन समाप्त कर दें। लेकिन ऐसा हरगिज नहीं होगा। हक के लिए अंतिम दम तक लड़ते रहेंगे। पंचायत में मौजूद किसानों ने कहा कि सरकार को अब किसानों की मांग को मान लेना चाहिए और कृषि कानून को वापस ले लेना चाहिए। पंचायत में गाजीपुर बार्डर पर ट्रैक्टर लेकर चलने को लेकर रणनीति तैयार की गई। संदीप नादर, रचित आर्य, रामवीर गौतम, कैलाश गौतम, रवि जादौन, राकेश चौधरी, बब्बन चौधरी, कालू पहलवान, रामदास, आलोक चौधरी आदि मौजूद रहे।
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