बुलंदशहर। कागज में कुछ और धरातल पर कुछ और सरकारी विभागों में यह प्रक्रिया आम हो गई है। सिंचाईं विभाग में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहां अफसरों ने कागज में दर्शा दिया कि 106 टेल तक नहरों का पानी जा रहा है। जबकि, समीक्षा बैठक ने 90 टेल तक पानी पहुंचने की बात कही गई। अब प्रकरण में सीडीओ से बुलंदशहर खंड गंगनहर के अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांग लिया है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि गत दिनों लगभग विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ था। इस बैठक में बुलंदशहर खंड गंग नहर के अधिशासी अभियंता ने जानकारी लेने पर बताया था कि जनपद में 90 टेल पर नहरों का पानी पहुंच रहा है। लेकिन जब समीक्षा पुस्तिका की जांच की गई तो उसमें उक्त अधिकारी द्वारा 106 टेल पर नहरों का पानी पहुंचना अंकित पाया गया। बुलंदशहर खंड गंग नहर के अधिशासी अभियंता द्वारा बताए गए और समीक्षा पुस्तिका में दर्ज आंकड़ों में भिन्निता पाए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि दो दिन में स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया तो आगामी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी है कि इस तरह की हीलाहवाली किसी भी अधिकारी की बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि इस तरह के मामले आगे भी आते हैं तो संबंधित ििअधकारी से जवाब-तलब करने के साथ स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।