बुलंदशहर। जिले के सीएचसी केंद्रों के बाद अब जिला अस्पताल में एआरवी का संकट आ गया है। जिला अस्पताल में एआरवी का स्टाक समाप्त होने पर दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने जल्द एआरवी का स्टॉक आने का दावा किया है। वहीं, दूसरी और अधिकांश सीएचसी पर एआरवी न होने पर मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में प्रतिदिन दो सौ से अधिक मरीज एआरवी लगवाने के लिए आते हैं। इनमें कुत्ते के काटने और बंदर, बिल्ली व अन्य जंगली जानवरों के काटने के शिकार मरीज भी शामिल है। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुछ मरीजों को एआरवी लगने के बाद वैक्सीन लगनी बंद कर दी गई। एआरवी न मिलने पर मरीजों ने अस्पताल प्रशासन को मामले से अवगत कराया। जहां अस्पताल प्रशासन ने जल्द एआरवी आने की बात कही। बृहस्पतिवार को अस्पताल प्रशासन के दावे के चलते मरीज वैक्सीन लगवाने आए तो उन्हें दूसरे दिन भी बैरंग लौटना पड़ा। अगौता निवासी राजबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल आने में एक दिन पूरा खर्च हो जाता है। यहां आकर पता चला है कि वैक्सीन खत्म है। ऐसे में वापस लौटना पड़ेगा। वहीं, अन्य मरीजों ने भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एआरवी समाप्त होने की बात कही। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि एआरवी का स्टाक समाप्त होने से पूर्व ऑर्डर भेजा जा चुका है। जल्द ही एआरवी का स्टाक आने पर मरीजों को एआरवी लगवानी शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल मरीजों को परेशानी ना हो इसके लिए अस्पताल परिसर में एआरवी उपलब्ध ना होने के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। उधर, सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि लखनऊ कारपरेशन अधिकारियों को डिमांड नोट करा दी है। एक-दो दिन में वैक्सीन आने की संभावना है। जहां वैक्सीन नहीं वहां पर भेज दी जाएगी।