सबहेडः शासन ने नगर निगम से मांगा प्रमुख चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक दबाव संबंधी ब्यौरा, नगर निगम ने आईटीएमएस प्रोजेक्ट में 113 तिराहे और चौराहों को किया है शामिल
- आईटीएमएस प्रोजेक्ट पर अब खर्च होंगे 45 करोड़
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। महानगर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के मकसद से शुरू किया गया इंटीग्रेटेड ट्रेफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत अब पूरे होने वाले प्रोजेक्ट में शासन ने नगर निगम से चिन्हित किए गए सभी 113 चौराहों और तिराहों पर वाहनों के दबाव के साथ ट्रैफिक की आवाजाही की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। शासन के निर्देश पर नगर निगम ने इस बाबत तैयारी शुरू कर दी है। दो से तीन दिनों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी।
आईटीएमएस प्रोजेक्ट को अब नगर निगम ने राज्य स्मार्ट सिटी योजना के जरिए पूरा करने की कवायद शुरू की है। प्रोजेक्ट की लागत घटकर अब 45 करोड़ रह गई है। नगर निगम की ओर से जीडीए की ओर से तैयार की गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में फेरबदल किए गए हैं। पहले आईटीएमएस प्रोजेक्ट के हेतु आठ सड़कों को ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाना था। प्रोजेक्ट में पहले महानगर के 112 चौराहों व तिराहों को शामिल किया गया था, अब संख्या बढ़ाकर 113 कर दी गई है।
महानगर के 113 चौराहों व तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नल के साथ आधुनिक पीटीजेड कैमरा, व्हीकल डिटेक्शन कैमरा, नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरा, 15 चौराहों पर रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन कैमरा लगाया जाएगा।आईटीएमएस प्रोजेक्ट से शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। प्रोजेक्ट को लेकर शासन में बीते माह बैठक हुई थी। बैठक में मंजूरी मिलने के बाद अब शासन ने प्रोजेक्ट में चिन्हित किए गए सभी चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक की आवाजाही सहित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। नगर निगम मुख्य अभियंता मोइनुद्दीन ने बताया कि आईटीएमएस प्रोजेक्ट के बाबत शासन की ओर से मांगी गई जानकारियों को जुटाया जा रहा है। दो-तीन दिनों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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