चिकन और अंडे पर बर्ड फ्लू की मार, 20 लाख का हो रहा है घाटा
- पिछले दस दिनों में 70 फीसद तक घटे नॉनवेज खाने के शौकीन
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। देश में बर्ड फ्लू की आहट के साथ ही चिकन और अंडे के कारोबार से जुड़े लोग सहम गए हैं। जिले में पिछले दस दिनों में अंडा और चिकन खाने के शौकीन कम हुए हैं। इसके अलावा बड़े मीट कारोबारी और पोल्ट्री संचालक भी नुकसान उठा रहे हैं। चिकन और अंडे की मांग में करीब 70 फीसद की गिरावट आई है। कारोबारियों का अनुमान है कि जिले में लगभग 20 लाख रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है।
गाजियाबाद में पोल्ट्री संचालकों का दावा है कि अंडे और मुर्गे की मांग गिरने से लाखों में नुकसान उठाना पड़ रहा है। सर्दी के सीजन में इनकी मांग अधिक रहती है लेकिन अब चिकन या अंडा खाना पसंद करने वाले लोग इसके सेवन से बच रहे हैं। जिले में तीन बड़े पोल्ट्री फार्म संचालित हैं। इनमें से दो मुरादनगर और एक मोदीनगर में है, जहां से जिले के बाहर भी कारोबार किया जाता है। पशु चिकित्सका विभाग द्वारा जारी निर्देशों के बाद अब इन पोल्ट्री फार्म से किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त को कम किया गया है। मांस बेच रहे दुकानदारों कहना है कि बर्ड फ्लू को देखते हुए पिछले कुछ दिनों में बिक्री में बड़ी गिरावट आई है।
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70 फीसद तक घट गई बिक्री :
मीट कारोबारी मोहम्मद नौशाद ने बताया कि बर्ड फ्लू की रोकथाम को लेकर चल रही कवायद के बीच कारोबारियों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। मुर्गे की बिक्री कम से कम 70 फीसद तक घट गई है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर हम अपने स्तर पर भी माल नहीं खरीद रहे हैं। जिससे इस बढ़ते खतरे को रोका जा सके।
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दामों में भी आई गिरावट :
कारोबारी फिरोज ने बताया कि मुर्गे का मांस 200 रुपए प्रति किलोग्राम से गिरकर 50 से 60 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है। हम नियमों का पूरा पालन कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा बनी रही। नुकसान की बात की जाए तो कारोबारियों का पिछला स्टॉक भी अटका पड़ा है। गाजियाबाद में सबसे अधिक आवक दिल्ली से होती है, जिसे फिलहाल बंद किया गया है।
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सीजन में भी नहीं बिक रहा है अंडा:
बर्ड फ्लू से बाजार में चिकन ही नहीं अंडा कारोबारी भी भारी नुकसान झेल रहे हैं। अंडा कारोबारी दिवाकर ने बताया कि पिछले करीब चार दिन से काम बिलकुल ना के बराबर है। प्रतिदिन होने वाली दो से ढाई हजार की कमाई अब चार सौ, पांच सौ रह गई है।
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