नए साल के पहले दिन छाया घना कोहरा, हुई परेशानी
- घने कोहरे ने रोकी वाहनों की रफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। नए साल के पहले दिन की शुरुआत घने कोहरे से हुई। बृहस्पतिवार - शुक्रवार की रात 12 बजे के बाद शुरू हुआ कोहरा सुबह तक घना हो गया और दृश्यता भी 20 मीटर तक सिमट गई। वाहन चालकों को वाहन चलाने में परेशानी हुई। कोहरे के कारण 10 बजे तक धूप भी नहीं दिखाई दे रही थी। 11 बजे के बाद कोहरा छंटना शुरू हुआ। पूरे दिन धूप होने के बावजूद गलन से राहत नहीं मिल सकी। शाम होने के साथ ही गलन भी बढ़ गई। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 18 डिग्री होने के बावजूद सर्दी से राहत नहीं मिल सकी। बंद कमरे में भी आर्द्रता 43 फीसदी होने से लोगों को सर्दी से जूझना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार-शुक्रवार की मध्य रात्रि तक मौसम साफ था, मगर रात दो बजे से अचानक कोहरे की दस्तक शुरु हुई। सुबह होते-होते शहर में घना कोहरा छा गया। घने कोहरे और हल्की हवा चलने की वजह से मौसम बेहद ठंडा रहा। विजिबिलटी 20 मीटर से भी कम रहने की वजह से वाहन चालकों को खासी परेशानी रही। हादसे से बचने के लिए वाहन चालक सुबह नौ बजे तक भी वाहनों की हेडलाइट ऑन कर दस से 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरते नजर आए। हिंडन नदी के किनारे रोड पर वाहन चालकों को विशेष परेशानी हुई, जबकि मेरठ रोड, एनएच-9 व जीटी रोड पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी रही। दोपहर 12 बजे के बाद शहर से कोहरा छटा। कोहरे और हवा का असर तापमान पर भी देखने को मिला। देर शाम फिर से मौसम में हल्का कोहरा आने से बाजारों में जल्द ही सन्नाटा पसर गया। ग्राहकों के कम पहुंचने की वजह से बाजार भी जल्दी बंद हो गए।
कड़ाके की सर्दी से आठ बजे के बाद सड़के होने लगती हैं सूनसान
हाड़ कंपा देने वाली सर्दी के कारण अधिकांश बाजार रात आठ बजते ही बंद होने लगते हैं। सड़कें भी सूनसान हो जाती हैं। अभी तक शहर के अधिकांश स्थानों पर अलाव की व्यवस्था न होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
सर्दी की चपेट में आने से बढ़ सकती है परेशानी
जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. आरपी सिंह का कहना है कि सर्दी बढ़ने पर लोग तला-भुना अधिक खाना पसंद करते हैं, जबकि पानी पीना कम कर देते हैं। इससे कोलेस्ट्राल बढ़ने के साथ ही मोटापा, एसिडिटी व डिहाइड्रेशन की परेशानी बढ़ जाती है। डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि अगर सर्दी में स्वस्थ रहना है तो खाने-पीने में सतर्कता बरतने के साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने दें।
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आशुतोष यादव