फोटो सहित..........
- सरगना ने जेल में ठग गुरु से सीखी थी ठग विद्या, आरोपियों से भारी संख्या में सिम, मोबाइल और साढ़े 4 लाख बरामद
- कार खरीदने का झांसा दे कार डीलर से लेते थे बैंक खाते की डिटेल, ट्रू-कॉलर में डीलर का नाम लिख बैंक में करते थे फोन
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कार डीलर बनकर बैंकों से मोटी रकम खातों में ट्रांसफर कराने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए नगर कोतवाली पुलिस व साइबर सेल ने सरगना विनय यादव निवासी औरैया समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 22 सिम कार्ड, 24 मोबाइल फोन, 45 एटीएम कार्ड, 6 चेक बुक, 5 आधार कार्ड की फोटो कॉपी, वरना कार, बोलेरो कार व 4 लाख 40 हजार 500 रुपये बरामद किए हैं। एसपी सिटी अभिषेक वर्मा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि गैंग बेहद शातिराना अंदाज में ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था।....................
एसपी सिटी अभिषेक वर्मा ने बताया कि गत 10 दिसम्बर को एमआर हुंडई के मैनेजर ने अपने साथ हुई ठगी की शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर नगर कोतवाली में केस दर्ज कर जांच के लिए थाना पुलिस, साइबर सैल और एसपी सिटी की एसओजी टीम को लगाया गया था। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने 9 लोगों गजेंद्र गौतम (17), चेतन (26) व कपिल (22) निवासीगण सुरीर मथुरा हाल निवासी भोपाल कॉलोनी फरीदाबाद, विनय यादव उर्फ बबलू (32) निवासी न्यू विकास नगर लोनी मूलनिवासी थनक कुरवा औरैया, मुन्ना साहू (23) निवासी हुगली पश्चिम बंगाल, विशाल शर्मा उर्फ राजू (23) निवासी यमुना एनक्लेव पार्ट-2 एत्मादपुर सेक्टर-31 फरीदाबाद, पवन माझी (27) व ब्रजमोहन (30) निवासीगण जिला सिवान बिहार तथा अफसर अली (27) निवासी गोपालगंज बिहार हाल निवासी ग्राम खोड़ा को गिरफ्तार किया गया है। विनय यादव गैंग का सरगना है जिस पर गाजियाबाद मथुरा और दिल्ली में लगभग एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। 2014 में वह हत्या के मामले में भी लोनी थाने से जेल जा चुका है।.................
हर सदस्य का बंटा हुआ था काम, ऐसे करते थे ठगी......
सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि गैंग के हर सदस्य का काम बंटा हुआ था। पुनीत कुमार उर्फ डम्पी रसूखदारों लोगों और कार डीलरों को ट्रेस करता था। जिसके बाद फर्जी आधार कार्ड पर खरीदे सिम से सरगना विनय ट्रेस किए गए कार डीलर को कॉल करता था। वह कार बुक कराने की बात कहकर डीलर का खाता नंबर, बैंक की डिटेल और आईएफएससी कोड जान लेता था। इसके बाद वह नए सिम में डीलर के नंबर को ट्रू-कॉलर पर उसी के नाम और फोटो के साथ सेव कर लेता था। डीलर का नंबर ट्रू-कॉलर पर सेव करने के बाद विनय बैंक मैनेजर को कॉल करने लगता था। कुछ दिनों की कॉल पर बातचीत के बाद वह बैंक मैनेजर का भरोसा जीत कर उसे अचानक आई इमरजेंसी का हवाला देकर मोटी रकम आरटीजीएस के जरिए अपने साथियों के खातों में ट्रांसफर करा लेता था। रकम ट्रांसफर होते ही गैंग का सदस्य विशाल शर्मा उर्फ काचू पेटीएम के जरिए विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर लेता था।.................
सरगना को जेल में गुरु ने पढ़ाया ठगी का पाठ.........
एसपी सिटी ने बताया कि 2014 में हत्या के मामले में जेल में रहने के दौरान विनय यादव की मुलाकात चर्चित ठग वीरेन्द्र साहू से हुई थी। साहू ने ही गुरु के तौर पर उसे ठगी का पाठ पढ़ाया था। पूछताछ में विनय साहू को अपना गुरु बताया। पुलिस का कहना है कि जेल से आने के बाद विनय ने अपना गैंग तैयार किया और फिर नए अंदाज में ठगी का धंधा शुरू कर दिया था। एसपी सिटी की मानें विनय ने अपने सभी साथियों के काम बांट रखे थे। पकड़े गए सभी आरोपी 8वीं और 10वीं पास हैं। इनमें से कुछ आरोपी कम्प्यूटर के खासे जानकार हैं।.............
बिहार व बंगाल के खातों में मंगवाते थे रकम........
सीओ ने बताया कि आरोपियों ने 10 हजार रुपए देकर बिहार और पश्चिमी बंगाल में रहने वाले लोगों के बैंक खाते हायर कर रखे थे। खाताधारकों का एटीएम और चेकबुक भी आरोपियों के पास ही रहती थी। जिसमें इन्होंने अपने मोबाइल नंबरों को अपडेट करा रखा था। किसी भी व्यक्ति से ठगी के बाद आरोपी उस सिम को तोड़कर फेंक देते थे, जिससे उस दौरान बातचीत की जाती थी।............
80 से अधिक बैंक खातों की रकम कराई सीज........
सीओ का कहना है कि ऐसे करीब 80 बैंक खातों की जानकारी पुलिस के हाथ लगी है। उनमें जमा रकम को सीज कराया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों द्वारा पंजाब, हिमाचल और पश्चिम बंगाल में ठगी करने की बात कबूली है। गिरोह में कुछ अन्य आरोपियों के नाम भी प्रकाश में आए हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।