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अवैध संबंधों का बदला लेने और रकम हड़पने को की गई थी मुनेश की हत्या

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नोट : एटा, कासगंज और अलीगढ़ के ध्यानार्थ........ फोटो सहित..... - नंदग्राम में हुए ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा, मुख्य आरोपी समेत दो गिरफ्तार - आरोपियों के कब्जे से मृतक की पासबुक, एटीएम कार्ड व स्कूटी बरामद, टीम को एसएसपी ने दिया 25 हजार का इनाम माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। सिहानी गेट क्षेत्र के नंदग्राम में हुए ब्लाइंड मर्डर का 24 घंटे में खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र यादव निवासी एटा व उसके साथी रामेश्वर निवासी कासगंज को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मृतक की पहचान गांव कपरेटा थाना पिलुआ जनपद एटा निवासी मुनेश यादव (50) के रूप में हुई है। एसपी सिटी अभिषेक वर्मा ने शुक्रवार रात प्रेस वार्ता में बताया कि मुनेश के पुष्पेंद्र की पत्नी दे अवैध संबंध थे। साथ ही मुनेश के खाते में 7 लाख रुपये थे। पत्नी से अवैध संबंधों का बदला लेने और रकम हड़पने के लिए ही पुष्पेंद्र ने साथी के साथ मिलकर कपड़े में गला घोंटकर मुनेश की हत्या कर दी। एसएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है।.................. एसपी सिटी ने बताया कि पुष्पेन्द्र मूलरूप से बनुपुरा थाना पाली मुकीमपुर अलीगढ़ और रामेश्वर राजपुरा बीबी सलेमपुर थाना सोरों कासगंज का रहने वाला है। दोनों आरोपी यहां मजदूरी करते हैं और घूकना इलाके में परिवार के साथ किराए पर रहते हैं। एसपी सिटी ने बताया कि मृतक मुनेश यादव भी घूकना में ही अकेले किराए पर रहकर श्रीराम पिस्टन कंपनी में नौकरी करता था। वह ब्याज पर पैसे देने का भी काम किया करता था। एक ही इलाके में रहने के चलते कातिब दो साल पहले पुष्पेन्द्र की मुनेश से जानकारी हो गयी थी। पुष्पेन्द्र ने भी मुनेश से 5 हजार रुपए ब्याज पर उधार ले रखे थे। पुलिस की मानें तो मुनेश का पुष्पेन्द्र के घर आना जाना था। जिसकी वजह से पुष्पेन्द्र की पत्नी से उसके अवैध संबंध हो गए थे। इस संबंध को पुष्पेन्द्र पसंद नहीं करता था। वहीं मुनेश के साथ बैंक आने जाने के दौरान उसने मुनेश के खाते में जमा करीब 7 लाख रुपए के बारे में भी जानकारी कर ली थी। एसपी सिटी ने बताया कि पत्नी से अवैध संबंध का बदला लेने और उसकी बैंक में जमा रकम को हड़पने की नीयत से ही पुष्पेन्द्र ने रामेश्वर के साथ मिलकर मुनेश की हत्या की साजिश रची और गत 6 दिसम्बर को उसे गोविंद गुप्ता के घर में बुलाकर अंजाम दे दिया। हत्या के लिए ही किराए पर लिया था कमरा................. पुष्पेन्द्र ने सुनियोजित तरीके से हत्याकांड को अंजाम दिया। हत्या करने के लिए ही उसने सिहानी गेट थाना क्षेत्र में रहने वाले गोविंद गुप्ता का नंदग्राम के आदर्श नगर स्थित मकान किराए पर लिया। साढ़े 4 हजार रुपये किराया देकर मकान की चाबी ले ली और 6 दिसंबर को मुनेश को इस घर मे बुलाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने से पहले पुष्पेंद्र और उसके साथ ही ने मुनेश को शराब पिलाई और मारपीट करके उसके एटीएम कार्ड का पिन कोड पूछने की कोशिश की। विरोध करने पर दोनों ने कपड़े से गला घोंटकर मुनेश को मौत के घाट उतार दिया और उसके बाद घर का ताला लगाकर अपने-अपने घर लौट गए। साथी के मोबाइल का सिम चुराकर की थी कॉल, उसी से खुला हत्याकांफ........... सीओ सेकेंड अवनीश कुमार ने बताया कि हत्या के लिए किराए पर मकान लेने के साथ-साथ पुष्पेंद्र ने अपने साथी के मोबाइल से सिम भी चोरी कर लिया था। इसी सिम के नंबर से किराए का मकान लेने के लिए उसने मकान मालिक से बात की और मनीष को फोन करके किराए के मकान में बुलाया था। पुष्पेंद्र ने हत्या करने के बाद चोरी के सिम को तोड़कर फेंक दिया, लेकिन उसी मोबाइल में उसका खुद का नंबर भी चल रहा था। सर्विलांस की मदद से पुलिस उस नम्बर को ट्रेक कर पुष्पेंद्र तक पहुंच गई। हत्या कर रकम निकलने की थी साजिश, नाकाम रहे........... मुनेश की हत्या करने के बाद आरोपियों ने उसके एटीएम कार्ड और पासबुक के जरिए कई बार खाते से रकम निकालने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। अगर रकम निकल जाती तो आरोपी उसे आपस मे बराबर-बराबर बांट लेते। आरोप मुझे पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने गाजियाबाद पहुंचकर उसकी शिनाख्त की। यह था घटनाक्रम........... बृहस्पतिवार देर शाम सिहानी गेट पुलिस को आदर्श नगर स्थित मकान में बदबू आने की सूचना मिली थी। कमरे के गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ। ताला तोड़कर देखा तो अंदर शव पड़ा मिला। 5 दिन पुराना शव होने के कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। मकान मालिक गोविंद गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में केस दर्ज किया था।
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