जिलाधिकारी ने प्रसूता से दुर्व्यवहार मामले में शुरू कराई जांच
गाजियाबाद। जिला महिला अस्पताल में पिछले दिनों बच्चे के जन्म के बाद महिला से दुर्व्यवहार की खबर का जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। इस मामले में डीएम ने सीडीओ को जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है। अस्पताल प्रबंधन ने प्रसूता और उसके परिवार को बुलाकर जांच के नाम पर कई घंटे तक अस्पताल में बैठाए रखा।
वैशाली सेक्टर-3 में रहने वाला रवि मजदूरी करता है। रवि ने अपनी पत्नी उषा को 30 अक्टूबर को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती करवाया था। आरोप है कि उषा के भर्ती किए जाने के बाद पहले तो स्टाफ ने लापरवाही बरती और उसके चीखने पर उसे लेबर रूम में ले गए। रात में उषा ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के बाद स्टाफ ने उषा के परिजनों से बच्चा देने के नाम पर रुपयों की मांग की। रुपए देने में असमर्थता जताने पर उषा को बच्चा नहीं दिया गया। परिजनों का आरोप है कि 700 रुपए लेबर रूम में स्टाफ ने ले लिए। जबकि बाद में 2000 रुपए पर बात बनी और पैसे दिए जाने के बाद उषा को उसका नवजात सौंपा गया। इस मामले में परिजनों की ओर से शिकायत की गई थी। मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया और सीडीओ को जांच सौंपते हुए शुक्रवार शाम तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उषा के परिजनों के अनुसार शुक्रवार दोपहर उन्हें अस्पताल से फोन करके बुलाया गया। शाम लगभग चार बजे वे लोग अस्पताल पहुंचे और कई घंटे तक उन्हें जांच के नाम पर अस्पताल में बैठाए रखे गया। रवि ने बताया कि अस्पताल में उनसे पैसे मांगने वाले स्टाफ की पहचान करने के लिए कहा गया था। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि प्रशासन से जांच संबंधी पत्र शाम को प्राप्त हुआ है, जिसके बाद मामले की जांच की जा रही है।