रास नहीं आ रही शादियों की शहनाई, बैंक्विट हॉल और फार्म हाउस संचालकों को घाटा
- कम लोगों की अनुमति से बुकिंग भी हो रहीं कैंसिल
- टैंट व्यवसायियों के नहीं निकल पा रहे खर्चे
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। जिले में बैंक्विट हॉल फार्म हाउस संचालक और होटल इंडस्ट्री को सहालग में शादी की शहनाई रास नहीं आ रही है। शादी समारोह के लिए 100 लोगों की अनुमति जिला प्रशासन से है, इतने लोगों की व्यवस्था करने से संचालकों के खर्चे भी नहीं निकल पा रहे हैं। आलम यह है कि फार्म हाउस, बैंक्विट हॉल संचालकों को कुछ बुकिंग भी कैंसिल करनी पड़ी हैं।
कोरोना काल में शादी समारोह से जुड़े व्यवसाय करीब 8 महीने तक पूरी तरह से ठप रहे। इस दौरान लगातार खर्चे होने से टैंट, फार्म हाउस, बैंक्विट हॉल, होटल, कैटर्स संचालकों को 80 करोड़ का घाटा जिले में झेलना पड़ा। आप प्रदेश सरकार ने शादी में आमंत्रित लोगों में इन व्यवसाय करने वालों को न गिने जाने से छूट तो दी है लेकिन शादी में 100 लोगों की व्यवस्था खर्चे नहीं निकाल पा रही है।
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लगातार घाटे में फार्म हाउस, बैंक्विट हॉल संचालक:
शादियों की धूम के बीच फार्म हाउस, बैंक्विट हॉल संचालक लगातार घट झेल रहे हैं। डेकोरेशन से लेकर कैटरिंग में स्टाफ उपलब्ध है लेकिन लगभग 50 फीसद स्टाफ ही काम कर रहा है जबकि बाकी का वेतन निकालना भी मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा डेकोरेशन में भी खर्च बराबर है लेकिन लोग कम रेट पर बुकिंग कर रहे हैं। एक लाख की बुकिंग के संचालकों को आधे ही दाम मिल रहे हैं। बुकिंग के बाद करीब 75 शादियां अप्रैल तक स्थगित हो गई हैं।
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200 लोगों के हिसाब से बुकिंग 100 होने पर कम किये रेट:
शादियों के लिए हुई बुकिंग 200 लोगों की अनुमति के हिसाब से हुई थी। ऐसे में इस व्यवसाय से जुड़े लोगों ने स्टाफ आदि की व्यवस्था की लेकिन अब कोरोना बढ़ने से 100 लोगों की अनुमति मान्य है। इससे लोगों ने अपना एस्टीमेट भी कम कराया।
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जिले में फार्म हाउस और बैंक्विट हॉल की संख्या- 145
स्टाफ: करीब 4000
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क्या कहते हैं संचालक:
दिसंबर तक 11 दिन का सहालग है। अगर इस बीच 200 लोगों की अनुमति मिले तो घाटा कम हो सकता है।
- अशोक चावला, प्रदेश अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश टैंट व्यापारी एसोसिएशन
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शादियों के लिए बुकिंग बजट के अनुसार ही करनी पड़ रही है। लोग कम रेट पर बुकिंग करा रहे हैं, जिससे खर्चे भी नहीं निकल पा रहे।
मुकेश त्यागी, फार्म हाउस संचालक
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प्रदेश सरकार से राहत मिलनी चाहिए। हम सेनिटाइजर की भी व्यवस्था कर रहे हैं। सभी सुरक्षा उपायों को लेकर विवाह संपन्न हो रहे हैं।
- विवेक मोहन, संचालक