फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुहाई पर विशाल हुआ भाकियू का काफिला

विज्ञापन
विज्ञापन
दुहाई पर विशाल हुआ भाकियू का काफिला - मोदीनगर, मुरादनगर, सदरपुर के किसान हुए एकत्रित, राजनगर एक्सटेंशन से भी बड़ी संख्या में शामिल हुए किसान - किसानों ने कूच से पहले कहा, दिल्ली से देश को देंगे किसान एकजुटता का संदेश, वापस लेना होगा कृषि बिल माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। मेरठ से अच्छी संख्या में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता दिल्ली की तरफ आगे बढ़ रहे थे। गाजियाबाद में दुहाई पर किसानों को काफिले में शामिल होना था। इसके तहत दुहाई पर ईस्टर्न पेरिफेरल के पास किसान जुटने शुरू हुए और भाकियू का काफिला यहां से विशाल होकर दिल्ली की तरफ बढ़ गया। दुहाई पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत करीब 15 मिनट रूके भी और किसानों से बातचीत की। दुहाई पर मोदीनगर, मुरादनगर, सदरपुर सहित अन्य गांवों से भाकियू कार्यकर्ता और किसान एकत्रित हुए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुबह से ही पुलिस बल यहां तैनात था। करीब 12 बजे किसानों का दुहाई पर आना शुरू हुआ। ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार, बाइक सहित अन्य साधनों से किसान धीरे-धीरे जुटना शुरू हुए और कृषि बिल के विरोध में नारेबाजी करने लगे। भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजवीर सिंह चौधरी किसानों की अगुवाई कर रहे थे। बाद में भाकियू युवा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गौरव टिकैत भी यहां पर पहुंच गए। करीब दो बजे मेरठ से भाकियू का काफिला दुहाई पर पहुंचा और 15 मिनट बाद यहां से रवाना हुआ। इसके बाद राजनगर एक्सटेंशन, मेरठ रोड तिराहे से भी आसपास के गांवों से किसान काफिले में शामिल हुए और दिल्ली की तरफ आगे बढ़े। जोश से लबरेज किसान बस अपने हक की आवाज के लिए जी-जान से जुटने के लिए तैयार थे। ---- क्या बोले किसान : दिल्ली में भाकियू का आंदोलन देश में किसानों की एकजुटता का संदेश देगा। अब की बार केंद्र सरकार को किसानों की बातें माननी ही होंगी। - महेंद्र सिंह, किसान नेता --- अन्नदाता को अपने हक के लिए सड़कों पर उतर का आंदोलन करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार को कृषि विधेयक वापस लेने चाहिए। - शीशपाल, किसान नेता ---- कृषि विधेयक पूरी तरह से किसान विरोध है और किसानों को खत्म कर पूंजीपतियों को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। - धर्मवीर, किसान नेता --- दिल्ली में केंद्र सरकार से किसान अपनी मांगों को पूरा कराएंगे। किसी भी तरह से अन्नदाता को बर्बाद करने वाले कानून बर्दाश्त नहीं होंगे। - ओमपाल सिंह, किसान नेता --- यूपी गेट से जबरन प्रवेश कर दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा। किसानों की अनसुनी करना केंद्र सरकार को भारी पड़ेगा। - लोकेंद्र प्रधान, किसान नेता ---- बुर्जुगों से लेकर युवा तक दिल्ली में होने वाले आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। कृषि बिल किसानों के लिए काला कानून है। - गौरीशंकर, किसान नेता ---- किसानों को मंडी से खत्म करने का काम किया जा रहा है। फसलों के रेट अब पूंजीपतियों के हाथों में होंगे, ये सरासर गलत है। - बॉस चौधरी, किसान नेता
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें