बुलंदशहर। डीएम और एसएसपी ने बुधवार सुबह दुष्कर्म पीडि़ता की हत्या के बाद मौके पर पहुंच कर मुआयना किया। साथ ही परिजनों को ढांढस बंधाते हुए उन्हें आर्थिक मदद का आश्वासन दिया था।कुछ ही घंटों बाद जिला प्रशासन ने एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत मृतका के परिजनों को 3.75 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी मुहैया करा दी है।
गौरतलब है कि मंगलवार को जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी एससी वर्ग की दुष्कर्म पीडि़ता को जिंदा जलाए जाने का मामला सामने आया था। जिसके बाद उसकी उपचार के दौरान देर शाम को दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। पीडि़ता की मौत के बाद से जिला पुलिस-प्रशासन चौकन्ना हो गया था। बुधवार सुबह जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और एसएसपी संतोष कुमार सिंह मृतका के गांव पहुंचे और पहले जांच पड़ताल की। इसके बाद अफसर पीडि़ता के घर पहुंच कर परिजनों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान डीएम ने मृतका के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता दिलाए जाने का भी आश्वासन दिया। डीएम के आश्वासन के बाद जिला प्रशास हरकत में आया और दोपहर करीब तीन बजे तक सभी दस्तावेजों की कार्रवाई पूरी कर ली गई और फिर मृतका के परिजनों के खाते में 3.75 लाख रुपये की आर्थिक मदद अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत भेज दी गई है।
कोट
मृतका के परिजनों को अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत 3.75 लाख रुपये की आर्थिक मदद मुहैया करा दी गई है। साथ ही मामले में निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। - रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी