ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के लिए नहीं मिला बजट
- वसुंधरा व साहिबाबाद में बिजली घर के लिए नहीं मिल रही जमीन
- 17 में पांच योजनाएं हुई पूरी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। नगर निगम सीमा क्षेत्र में इंटीग्रेटिड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के लिए बजट न मिल पाने के कारण क्रियान्वयित नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा वसुंधरा व साहिबाबाद में बिजलीघर के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। यह जानकारी जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय द्वारा विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मिली। जिलाधिकारी ने बताया कि 17 विकास योजनाओं में पांच पूरी हो गई है।
बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी डॉ.अजय शंकर पांडेय ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के तहत निमार्णाधीन एवं शुरू होने वाली योजनाओं को लेकर बैठक कर समीक्षा की। जीडीए के चीफ इंजीनियर विवेकानंद सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटिड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम कार्य के लिए नगर निगम नोडल विभाग है। इसके लिए बजट की कोई व्यवस्था किसी स्तर से नहीं हुई है। जिलाधिकारी ने नगर विकास विभाग को बजट तथा नोडल विभाग के रूप में कार्य करने के लिए पत्र भेजने के निर्देश दिए। वसुंधरा व साहिबाबाद में बिजली घर के लिए जगह नहीं मिलने पर विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता ने अवगत कराया कि आवास एवं विकास परिषद से अभी तक कोई भूमि नहीं दिखाई गई। उन्होंने आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सब स्टेशन के लिए जमीन का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाए। रोडवेज के आरएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि पुराना रोडवेज बस अड्डा और साहिबाबाद बस अड्डे को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के लिए शासन स्तर पर टेंडर प्रक्रिया किया जाना बाकी है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता वाईएन चौधरी ने अवगत कराया कि जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में कुल सभी 108 कार्य पूरा कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ.अजय शंकर पांडेय ने सीडीओ अस्मिता लाल को सभी कार्यों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि साहिबाबाद में नई पुलिस चौकी खोलने को डाबर तिराहा के पास जो जमीन चिन्हित की गई,मौके पर जमीन उतनी नहीं है। जिलाधिकारी ने एसपी को निर्देश दिए कि पीएसी 47वीं वाहिनी,राजस्व विभाग मिलकर पीएसी परिसर में उचित स्थल का चयन चौकी का निर्माण कराना सुनिश्चित करेंं। राजकीय निर्माण निगम के अभियंता ने अवगत कराया कि राजकीय महाविद्यालय ग्राम सारा के निर्माण के लिए कुल स्वीकृत 9.68 करोड़ की धनराशि के सापेक्ष 1.30 करोड़ की धनराशि मिली है। इसके सापेक्ष 1.25 करोड़ की धनराशि व्यय करके 10 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया हैं। दूसरी किश्त शासन से मांगी गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दूसरी किश्त जारी के लिए शासन को दोबारा पत्र प्रेषित किया जाए।
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आशुतोष यादव